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Organ Donation: सात लोगों को नया जीवन दे गए बच्चू और माया, मौत के बाद परिवार ने लिया अंगदान का फैसला

Sun, 28 Jan 2024 10:24 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Sun, 28 Jan 2024 10:24 AM IST
सार

राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नोटो) के नियम के तहत अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती मरीजों को अंग प्रत्यारोपित किए गए। एम्स के ट्रामा सेंटर में इन बच्चू और माया से एक दिल, चार किडनियां, दो लीवर और चार कॉर्निया प्राप्त हुए। 

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Organ Donation: Bacchu and Maya gave new life to seven people
बच्चू और माया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दुर्घटना का शिकार हुए बच्चू और माया ने जिंदगी खोकर भी सात लोगों को नया जीवन दे दिया, जबकि आने वाले दिनों में कुछ और लोगों को जिंदगी देंगे। एम्स के ट्रामा सेंटर में इन दोनों से एक दिल, चार किडनियां, दो लीवर और चार कॉर्निया प्राप्त हुए।

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राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नोटो) के नियम के तहत अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती मरीजों को अंग प्रत्यारोपित किए गए। एक लीवर व एक किडनी आर्मी हॉस्पिटल दिल्ली में भर्ती मरीजों, एक किडनी सफदरजंग अस्पताल में भर्ती मरीज और दिल, लीवर व दो किडनियां एम्स में भर्ती मरीज में प्रत्यारोपित किए गए। कॉर्निया को एम्स के डॉ. आरपी सेंटर के आई बैंक में सुरक्षित रखा गया है। 
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वहीं, माया के परिवार ने त्वचा भी दान की। इसे एम्स के बर्न एंड प्लास्टिक सेंटर में बने स्किन बैंक में सुरक्षित रखा गया है। बेटे राकेश कुमार ने बताया कि फरीदाबाद, नंगला एन्क्लेव स्थित घर की छत से माया 23 जनवरी को गिर गईं थीं। घटना के तुरंत बाद उन्हें पास के अस्पताल लेकर गए, जहां से उन्हें एम्स ट्रामा सेंटर भेजा गया। यहां 25 जनवरी को उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी मौत के बाद डॉक्टरों की सलाह पर अंगदान करने का फैसला लिया। इसके बाद 26 जनवरी को अंगदान हुआ। 

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इधर, 51 वर्षीय बच्चू के परिजनों ने बताया कि वह भरतपुर के रहने वाले हैं। 12 जनवरी को किटवाड़ी रेलवे स्टेशन, पलवल पर रेलवे ट्रैक पर गिरने से वे घायल हो गए थे। दुर्घटना के बाद उन्हें पास के अस्पताल में लाया गया। यहां से उन्हें एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। उन्होंने 24 जनवरी को दम तोड़ दिया। बच्चू राजमिस्त्री थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। बच्चू काम के सिलसिले में पलवल में रहते थे।

51 वर्षीय बच्चू के परिजनों ने बताया कि वह भरतपुर के रहने वाले हैं। 12 जनवरी को किटवाड़ी रेलवे स्टेशन, पलवल पर रेलवे ट्रैक पर गिरने से वे घायल हो गए थे। दुर्घटना के बाद उन्हें पास के अस्पताल में लाया गया। यहां से उन्हें एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। उन्होंने 24 जनवरी को दम तोड़ दिया। बच्चू राजमिस्त्री थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। बच्चू काम के सिलसिले में पलवल में रहते थे। 

एम्स के ओआरबीओ विभाग की प्रोफेसर प्रभारी डॉ. आरती विज ने बताया कि 48 घंटों के भीतर एम्स में दो लोगों ने अंगदान कर दूसरे लोगों को नई जिंदगी दी। यह एक नेक कार्य है। परिजनों की सहमति मिलने के बाद ओआरबीओ की टीम ने चिकित्सक, न्यूरोसर्जन, प्रत्यारोपण टीम, प्रत्यारोपण परामर्शदाता और समन्वयक, तकनीशियन, प्रशासक, फोरेंसिक व पुलिस के सहयोग से अंगदान को सफल बनाया।
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