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Delhi NCR News: 16.26 लाख बकाया किराया ब्याज सहित चुकाने का आदेश
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(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। वाणिज्यिक न्यायालय ने मास्ट क्लाइम्बिंग वर्क प्लेटफॉर्म के किराये के भुगतान से जुड़े मामले में वादी कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाया है। अदालत ने प्रतिवादी कंपनी को 16.26 लाख रुपये बकाया राशि के साथ वाद दायर होने की तिथि से वास्तविक भुगतान तक 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज अदा करने का आदेश दिया है। प्रतिवादी को एक माह के भीतर भुगतान करना है।
वादी कंपनी सोरिल इन्फ्रा रिसोर्सेज लिमिटेड (पूर्व नाम स्टोर वन रिटेल इंडिया लिमिटेड) ने एसडीएस इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ 2018 में वसूली का वाद दायर किया था। वाद के अनुसार, 2015 में दोनों कंपनियों के बीच 60 मीटर ऊंचाई तक कार्य करने वाले चार मास्ट क्लाइम्बिंग वर्क प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने का अनुबंध हुआ था। 2016 में दो अतिरिक्त प्लेटफॉर्म भी उपलब्ध कराए गए। निर्धारित मासिक किराये के आधार पर नवंबर 2015 से जून 2017 तक 56.36 लाख रुपये का किराया देना था, लेकिन प्रतिवादी ने 40.10 लाख रुपये का भुगतान किया। कई बार मांगने के बावजूद 16.26 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद कंपनी ने न्यायालय की शरण ली।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। वाणिज्यिक न्यायालय ने मास्ट क्लाइम्बिंग वर्क प्लेटफॉर्म के किराये के भुगतान से जुड़े मामले में वादी कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाया है। अदालत ने प्रतिवादी कंपनी को 16.26 लाख रुपये बकाया राशि के साथ वाद दायर होने की तिथि से वास्तविक भुगतान तक 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज अदा करने का आदेश दिया है। प्रतिवादी को एक माह के भीतर भुगतान करना है।
वादी कंपनी सोरिल इन्फ्रा रिसोर्सेज लिमिटेड (पूर्व नाम स्टोर वन रिटेल इंडिया लिमिटेड) ने एसडीएस इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ 2018 में वसूली का वाद दायर किया था। वाद के अनुसार, 2015 में दोनों कंपनियों के बीच 60 मीटर ऊंचाई तक कार्य करने वाले चार मास्ट क्लाइम्बिंग वर्क प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने का अनुबंध हुआ था। 2016 में दो अतिरिक्त प्लेटफॉर्म भी उपलब्ध कराए गए। निर्धारित मासिक किराये के आधार पर नवंबर 2015 से जून 2017 तक 56.36 लाख रुपये का किराया देना था, लेकिन प्रतिवादी ने 40.10 लाख रुपये का भुगतान किया। कई बार मांगने के बावजूद 16.26 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद कंपनी ने न्यायालय की शरण ली।
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