केंद्र को तीन महीने में राज्यों में लोकायुक्त संबंधी याचिका पर निर्णय का निर्देश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को सभी राज्यों में प्रभावी, निष्पक्ष व स्वतंत्र लोकायुक्त नियुक्त करने की मांग संबंधी याचिका पर तीन माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। अदालत ने सरकार को निर्देश दिया कि इस मुद्दे पर दायर याचिका को ज्ञापन के रूप में स्वीकार किया जाए।
मुख्य न्यायाधीश जी.रोहिणी व न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की खंडपीठ ने कानून व न्याय मंत्रालय को कहा कि वह फैसला लेने के बाद याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय को इस बारे में जानकारी दें।
अदालत ने याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि याची यदि मंत्रालय के निर्णय से संतुष्ट न हों तो वह पुन: अदालत में आने के लिए स्वतंत्र हैं।
राज्यों में एक मजबूत लोकायुक्त हों
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के वकील जसमीत सिंह ने अदालत को बताया कि मंत्रालय को अश्विनी का ज्ञापन मिला है, इस पर विचार किया जा रहा है। इस पर कोई निर्णय लेने के लिए समय दिया जाए।
सभी राज्यों में लोकायुक्त नियुक्त करने की मांग के अलावा याची ने आग्रह किया है कि लोगों की शिकायतों का निवारण समयबद्ध तरीके में सुनिश्चित करना तय किया जाए। वहीं यूनाइटेड नेशन कन्वेनशन अंगेस्ट करप्शन व सेंस ऑफ द हाउस रीसॉल्यूशन 2011 लागू किया जाए।
याचिका में कहा गया है कि लोकायुक्त विधेयक को एक मॉडल के रूप में लागू किया जाना चाहिए, जिससे सभी राज्यों में एक मजबूत लोकायुक्त हों।