जासूसी उपकरणों के लिए केजरीवाल ने दिए 35 करोड़!
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शनिवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक नए विवाद में फंसते नजर आए। विपक्ष ने उन पर और उनकी सरकार पर आरोप लगाया है कि वह दिल्ली में जासूसी करने की योजना पर काम कर रही है।
इसका विरोध करने के लिए भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने अरविंद केजरीवाल के घर के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस को पानी की बौछार का प्रयोग करना पड़ा जिसमें भाजपा के एक पूर्व मेयर घायल हो गए जिन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा।
बता दें कि शुक्रवार को यह खबर आई थी कि दिल्ली सरकार ने एक प्रस्ताव पास किया है जिसमें दिल्ली की एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) को 35 करोड़ के ऐसे उपकरणों को खरीदने की अनुमति दी गई है जो जासूसी के काम में इस्तेमाल किए जाते हैं।
प्रदर्शन के दौरान सरकार पर हमला करते हुए दिल्ली भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा, 'आम आदमी पार्टी लोगों की निजता में हस्तक्षेप करना चाहती है। उन्हें लोगों की प्राइवेसी को भंग करने का अधिकार किसने दिया है।'
क्या है सरकार की सफाई
हालांकि जासूसी उपकरणों की खरीद की खबर आने के बाद ही मुख्यमंत्री के सलाहकार नगेंद्र शर्मा ने ट्वीट कर इस बात का खंडन किया था। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि दिल्ली सरकार ने ऐसा कोई भी प्रस्ताव पास नहीं किया है जिसमें जासूसी के उपकरणों को खरीदने की अनुमति दी गई हो।
बता दें कि इससे पहले भी केजरीवाल सरकार ने मीडिया पर निगरानी रखने के लिए अपने कर्मचारियों को एक निर्देश जारी किया था जिसपर काफी हंगामा मचा था। ऐसे में जासूसी के उपकरणों की खरीद का मामला उन्हें और उनकी पार्टी को एक नए विवाद में घसीट सकता है।
इससे पहले दिल्ली सरकार और एलजी व गृहमंत्रालय के नोटिफिकेशल को लेकर चल रहे विवाद पर शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उन्हें पहले ही धक्का लग चुका है।