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Delhi NCR News: डीयू पीजी दाखिले में पीडब्लयूबीडी श्रेणी चयन का मिलेगा अवसर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jun 2026 07:22 PM IST
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-डीयू के सीएसएएस(पीजी) के सुधार विंडो में वैध यूडीआईडी धारक अभ्यर्थी बदल सकेंगे श्रेणी
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-यदि गलत जानकारी दी तो रद होगा दाखिला, कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली।
दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर दाखिले के लिए जारी आवेदन प्रक्रिया जारी है। अब विश्वविद्यालय ने स्नातकोत्तर प्रवेश प्रक्रिया( कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम-सीएसएएस पीजी-2026) के तहत दिव्यांगजन (पीडब्लयूडी) श्रेणी से आवेदन करने के इच्छुक छात्रों को श्रेणी बदलने के लिए एक अवसर देने का फैसला किया है। यह अवसर उन्हें जल्द शुरू होने वाली सुधार विंडो के दौरान मिलेगा। हालांकि इसका लाभ लेने के लिए उनके पास वैध यूनिक डिसएबिलिटी आईडी होना जरूरी होगा। डीयू के अनुसार उन्हें कई छात्रों से अनुरोध मिला कि उन्होंने सीयूईटी पीजी 2026 में अपनी मूल श्रेणी में परीक्षा दी थी, लेकिन अब वे डीयू में दाखिले के लिए पीडब्लयूबीडी श्रेणी के तहत आना चाहते हैं। विश्वविद्यालय के अनुसार जल्द ही एक सुधार विंडो मिलेगी जिसमें ऐसे छात्रों को एक बार पीडब्लयूबीडी श्रेणी चुनने की अनुमति दी जाएगी, बशर्ते उनके पास वैध यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) हो।

हालांकि जिन छात्रों ने सीयूईटी पीजी 2026 में पहले से पीडब्लयूबीडी श्रेणी का चयन किया था, उन्हें कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (सीएसएएस) में अपनी श्रेणी बदलने की अनुमति नहीं मिलेगी क्योंकि वे परीक्षा के दौरान पीडब्लयूबीडी श्रेणी से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ ले चुके होंगे। डीयू ने स्पष्ट किया है कि इस सुविधा का लाभ केवल वही अभ्यर्थी लें जिनके पास भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा जारी 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाला वैध दिव्यांगता प्रमाणपत्र और यूडीआईडी उपलब्ध है। डीयू ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी स्तर पर छात्र द्वारा एनटीए या विश्वविद्यालय को गलत जानकारी अथवा फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराने का मामला सामने आता है, तो उसका दाखिला बिना पूर्व सूचना के रद्द कर दिया जाएगा। यदि फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराने की जानकारी छात्र को डिग्री प्राप्त करने के बाद सामने आती है तो डिग्री भी निरस्त की जा सकती है। साथ ही उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
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