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Hindon Air Base: ऑपरेशन सिंदूर से दुश्मन को चटाई धूल : हिंडन एयरबेस में मनाया गया वायुसेना का स्थापना दिवस

Thu, 09 Oct 2025 06:25 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, Ghaziabad
अमर उजाला नेटवर्क, Ghaziabad Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 09 Oct 2025 06:25 AM IST
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Operation Sindoor defeated the enemy: Air Force Foundation Day celebrated at Hindon Air Base
भारतीय वायुसेना दिवस - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर में वायुसेना के जवानों ने चार दिन में शत्रु को धूल चटाकर उसे अपनी जगह दिखा दी। हमारी सेना के जवानों ने 1947 से लेकर अब तक हर मौके पर इतिहास रचा है। साथ ही दुनिया के सामने साबित कर दिया है कि सैन्य परिणामों को आकार देने में वायु शक्ति का प्रभावी उपयोग कैसे किया जा सकता है।

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वह बुधवार को भारतीय वायुसेना के 93वें स्थापना दिवस पर हिंडन एयरबेस में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस माैके पर वायुसेना प्रमुख के नेतृत्व में ही मुख्य परेड हुई। इसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, थल सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी और नौ सेना प्रमुख दिनेश कुमार त्रिपाठी समेत कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी शामिल हुए।
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समारोह में वायुसेना के दो शहीदों की पत्नियों समेत 97 जवानों को सम्मानित किया गया। जवानों को पुरस्कार देने के बाद वायुसेना प्रमुख ने कहा कि चार विमानों से विश्व की चौथी बड़ी वायुसेना बनना एक गौरवमयी यात्रा है। उन्होंने सभी को एकजुटता का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि संगठन में ही शक्ति है। किसी भी चेन की कड़ी का कोई भी व्यक्ति कमजोर पड़ता है तो वह चेन टूट जाती है, इसलिए आपसी एकजुटता बनाए रखें।  
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उन्होंने कहा कि हम सब भारतीय वायुसेना की चेन की कड़ियां हैं। हमें सभी भेद मिटाकर एक होकर रहना है क्योंकि एकजुट होकर ही हम चुनौतियों से पार पा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अपनी विजय और सफलता का जश्न मनाते हुए हमें भविष्य के लिए भी तैयार रहना चाहिए। हमारी योजनाएं नवोन्मेषी, व्यावहारिक और अनुकूलनीय होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि हम न केवल आसमान के रक्षक हैं बल्कि राष्ट्र के अरमानों के संरक्षक भी हैं।  इससे पहले समारोह की शुरुआत परेड से की गई। परेड में वायुसेना की तकनीकी क्षमता, अनुशासन और आत्मनिर्भरता का प्रदर्शन किया गया। एमआई-171 हेलीकॉप्टर ने भारतीय तिरंगा, भारतीय वायुसेना के ध्वज और ऑपरेशन सिंदूर का झंडा लहराते हुए उड़ान भरी।  कार्यक्रम में सुखोई, तेजस, राफेल जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों के साथ ग्लोबमास्टर, हरक्युलिस और अपाचे हेलीकॉप्टर के बारे में भी बताया गया। 

पिस्टन इंजन से जेट इंजन के सफर को किया बयां : वायुसेना प्रमुख ने अपने संबोधन में पिस्टन इंजन से जेट इंजन, चार वैपिटी विमान से गरजते तूफानी विमानों और विश्व की चौथी बड़ी वायुसेना की स्थापना करने की यात्रा को बयां किया। उन्होंने कहा कि वायुसेना ने 1947 में कश्मीर की रक्षा, 1965 में आकाश से प्रहार, 1971 में नए राष्ट्र की रचना, 1999 में कारगिल के दौरान अदम्य साहस दिखाया। वर्ष 2019 में बालाकोट में आतंकियों का नाश किया और इस वर्ष ऑपरेशन सिंदूर में मात्र चार दिन के भीतर शत्रु पर विजय पाई।

उन्होंने कहा कि वायुसेना ने हर मोर्चे पर सामर्थ्य और वीरता का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि इस साल वायुसेना दिवस की थीम अचूक, अभेद्य, सटीक रही और ठीक इसी तरह हम आगे बढ़ रहे हैं। स्वदेशी रूप से विकसित और एकीकृत हथियारों ने दुश्मन के इलाके में गहराई तक सटीक और विनाशकारी प्रहार किए हैं।

जवानों ने दिया शौर्य का परिचय
साहिबाबाद। स्थापना दिवस समारोह की शुरुआत संयुक्त सेना के बैंड की धुन से हुई। वायु शक्ति की जोशीली धुन के साथ सैनिकों ने परेड निकाली। परेड कमांडर ग्रुप कैप्टन चेतन प्रदीप देशपांडे ने तीनों सेनाओं के बैंड के साथ परेड कराई। 

  • कदमताल करते हुए वायुसेना के योद्धाओं ने परेड के दौरान एयर चीफ मार्शल को सलामी दी। अद्वैत टोली ने रायफल से हैरतअंगेज करतब कर शक्ति का परिचय दिया। परेड में वायुसेना की तकनीकी क्षमता, अनुशासन और आत्मनिर्भरता का प्रदर्शन किया गया

प्रदर्शनी में राफेल और  हरक्यूलिस से लेकर मिग-21 का रहा आकर्षण
स्थापना दिवस के मौके पर परेड ग्राउंड में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों को प्रदर्शनी में रखा गया। इस माैके पर आखिरी बार प्रदर्शनी में सजाया गया मिग-21 और राफेल, सुखोई एसयू-30, एमकेआई व मिग-29 जैसे लड़ाकू विमान आकर्षण का केंद्र रहे। इनके साथ-साथ भारत के स्वदेशी विमानों ने  भी प्रदर्शनी में लोगों को आकर्षित किया। 

  • लोगों ने यादें संजोने के लिए अलग-अलग एयरक्राफ्ट के साथ फोटो खिंचाई। भारतीय स्वदेशी विमान नेत्र एईडल्व्यू एंड सी, सी-17 ग्लोबमास्टर III, स्वदेशी आकाश सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली,C-130J हरक्यूलिस, लॉन्गबो रडार से लैस अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर और एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर के साथ ही एक एस-बैंड रोहिणी रडार भी प्रदर्शनी का हिस्सा रही

ऑपरेशन सिंदूर में दिखा वायुसेना का पराक्रम 
कार्यक्रम में शामिल डॉ. संदेश तिवारी ने कहा कि वह बचपन से ही पापा के साथ इस कार्यक्रम में शामिल होती रही हैं। वायुसेना के पराक्रम से बखूबी परिचित हैं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में वायुसेना ने अपने पराक्रम को दिखाया और दुनिया भर में अपनी वीरता का का लोहा मनवाया है।

अपनों का अदम्य साहस देख निकले खुशी के आंसू
कार्यक्रम में शामिल हुईं पारस मोनी ने कहा कि यहां आकर जब पति को परेड करते हुए देखा तो खुशी से आंसू छलक आए। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना का अदम्य साहस देख मन खुशी से भर उठता है। हमारी सेना दुनिया की सबसे बहादुर सेना है।



समारोह में शामिल हुए परिजन जवानों के साहस पर जताया गर्व
स्थापना समारोह में वायुसेना में तैनात जवानों के परिजन भी शामिल हुए। उनका उत्साह देखते बन रहा था। किसी की मां तो किसी की पत्नी व बेटी माैजूद थीं। देश के दूरदराज क्षेत्रों से आए परिजनों ने अपनों की वीरता पर गर्व जताया। ऑपरेशन सिंदूर और भारतीय जवानों के अदम्य साहस की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनका बेटा या पति न केवल उनकी चिंता करते हैं बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उठा रहे हैं। 

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