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मोदी सरकार ने लोगों की उम्मीदों पर फेरा पानी
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Tue, 08 Jul 2014 08:24 PM IST
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फरीदाबाद के लोगों को मोदी सरकार के पहले रेल बजट से बहुत सारी उम्मीदें थीं, लेकिन रेलमंत्री ने बड़ी चतुराई से एक शटल गाड़ी चलाने की घोषणा करके दैनिक यात्रियों को झुनझुना पकड़ा दिया।
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रेल बजट को लेकर न केवल दैनिक यात्री संघ नाराज है, बल्कि जनप्रतिनिधि भी घोषणाओं से संतुष्ट नहीं हैं। सबसे ज्यादा निराशा पूर्वांचल वासियों को हुई है, क्योंकि मोदी सरकार से उन्हें इस बात की उम्मीद थी कि पूर्वांचल जाने के लिए उन्हें दिल्ली जाकर नहीं, बल्कि फरीदाबाद से सीधी ट्रेन की सुविधा मिलेगी।
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यहां के दैनिक यात्रियों की मांग थी कि आगरा की ओर जाने वाली एक्सप्रेस गाड़ियों का ठहराव हो और शटल गाड़ियों के डिब्बों की संख्या बढ़ाई जाए, लेकिन रेल बजट में इसकी चर्चा तक नहीं हुई।
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इस रेल बजट से दैनिक यात्री संतुष्ट नहीं हैं। उनका यह भी कहना है कि आखिर यूपीए और एनडीए सरकार में अंतर किस बात का है, जब एक ही ढर्रे पर चलकर काम करना है।
रेल बजट को लेकर दैनिक यात्रियों ने अपने विचार खुलकर रखे और रेलमंत्री के खिलाफ नाराजगी भी जाहिर की। उनका कहना था कि रेलमंत्री ने किराये में बढ़ोतरी की घोषणा तो कर दी, लेकिन गाड़ियों के संचालन के समय को नहीं सुधारा। बजट को लेकर अमर उजाला ने दैनिक यात्रियों से बातचीत कर उनकी अपेक्षाएं जानने की कोशिश की:
अब ऐसा लगता है कि मोदी सरकार का अपना कोई अलग विजन नहीं है, क्योंकि यह सरकार भी उसी तरह काम कर रही है जैसे यूपीए सरकार करती आई थी। लोगों ने बड़ी उम्मीद के साथ बीजेपी के हाथ में सत्ता की कमान सौंपी है। उन्हें लीक से हटकर काम करने चाहिए। दैनिक यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ख्याल रखा जाना चाहिए था।
-सुशील कौशिक, दैनिक यात्री
होडल से दिल्ली तक हजारों की संख्या में दैनिक यात्री रोजगार के लिए प्रतिदिन आते-जाते हैं। दिल्ली तक चलने वाली गाड़ियों में भीड़ इतनी अधिक हो जाती है कि लोग जान जोखिम में डालकर शटल गाड़ियों में लटक कर यात्रा करने को मजबूर होते हैं। ऐसे में एक शटल गाड़ी की घोषणा करना महज खानापूर्ति है। इससे यात्रियों की समस्या का समाधान नहीं हो सकता।
-डीके शर्मा, दैनिक यात्री
सुबह-शाम पीक ऑवर में दिल्ली की ओर जाने के लिए कोई गाड़ी नहीं है। मजबूरी में स्टेशन पर बैठकर अपना समय गंवाना पड़ता है। इस रेल बजट में उम्मीद थी कि यात्रियों के हित में कुछ अच्छा होने वाला है, लेकिन हुआ नहीं। गाड़ी समय पर चलती नहीं। जो चलती भी है उसमें जान जोखिम में डालकर सफर करना मजबूरी है। मोदी सरकार ने धोखा दिया है।
-नरेश कुमार, दैनिक यात्री