जामताड़ा से होती थी ठगी, जालंधर में होता था भुगतान, छूट का लालच देकर लोगों को बनाया जाता था निशाना
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सौरभ ने पंजाब बिजली बोर्ड के बिलों के भुगतान के लिए कई बड़े व्यापारियों व उद्यमियों को बिल में चार से पांच प्रतिशत तक छूट का लालच देकर फंसा रखा था। जामताड़ा से गिरफ्तार आरोपियों से बरामद मोबाइल फोन में ई-वॉलेट से पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के कई बिलों के भुगतान का रिकॉर्ड साइबर सेल को मिला है।
साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक बसंत कुमार ने बताया कि झारखंड के जामताड़ा व देवघर से गिरफ्तार साइबर ठगी के आरोपी अजय मंडल, भरत कुमार मंडल, शत्रुधन मंडल उर्फ चरकू व नरेंद्र कुमार मंडल उर्फ लालू का साथी सदर बाजार, जालंधर कैंट निवासी सौरभ उनके ठगी के रुपयों को खपाने और उसे कैश करवाने का काम करता था।
सौरभ ने पंजाब में कई बड़े व्यापारियों व उद्यमियों को अपने जाल में फंसा रखा था। सौरभ उनको बताता था कि उसके पास पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड की बिल भरने की फ्लेक्सी (एक तरह से फ्रेंचाइजी) है।
यदि वह उसके माध्यम से बिजली के बिलों का ऑनलाइन भुगतान करवाएंगे तो उन्हें चार से पांच प्रतिशत की छूट दिलवाएगा, जोकि किसी ई-वॉलेट से भुगतान करने पर उन्हें दो प्रतिशत ही मिलेगी। लालच में आकर व्यापारी या उद्यमी सौरभ को बिल भुगतान के लिए पैसे दे देते थे, जिसे वह जामताड़ा में बैठे ठगों के पास भेज देता था।
वहां से आरोपी हैक किए गए खातों से बिल का भुगतान कर देते थे, जिसके बाद सौरभ उनसे छूट की रकम काट कर नकद रुपये ले लेता था। पुलिस की अभी तक की जांच में आरोपियों से बरामद मोबाइल फोन में ई-वॉलेट में पंजाब बिजली बोर्ड के कई मोटे बिलों के भुगतान का रिकॉर्ड मिला है। पुलिस उन सबकी जांच में जुटी है।
मिथुन मंडल पुलिस को चकमा देकर हुआ फरार
जामताड़ा से संचालित साइबर ठगी का मास्टरमाइड मिथुन मंडल नामक ठग फरीदाबाद पुलिस को चकमा देकर फरार होने में सफल रहा। पुलिस सूत्रों की माने तो जमताड़ा में साइबर क्राइम का सबसे बड़ा आरोपी मिथुन ही है।
जामताड़ा पुलिस को भी उसकी तलाश है। पता चला है कि दो दिन पहले ही मिथुन के पिता समेत तीन लोगों को जामताड़ा पुलिस ने गिरफ्तार किया है, मगर मिथुन कहां है इसकी जानकारी अभी पुलिस को नहीं लग सकी है।
पुलिस की कार्रवाई से ठगी से बच गए 250 लोग
साइबर सेल प्रभारी बसंत कुमार ने बताया कि गिरफ्तार साइबर ठगों से 12 लैपटॉप बरामद हुए हैं। प्रत्येक लैपटॉप की जांच करने पर पता चला है कि इन सभी से ठगी के लिए 250 से ज्यादा लोगों को ठगों ने ईमेल और मैसेज भेज रखे हैं।
अब चूंकि आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं तो यह 250 लोग ठगी से बच गए हैं। इन सभी को ईमेल के माध्यम से ही मैसेज किया जा रहा है कि यह पूरा मामला साइबर ठगी का है। ऐसे किसी भी ईमेल का जवाब न दें।