दिल्ली में अब औद्योगिक प्रदूषण पर वार: एक महीने तक चलेगा अभियान, निरीक्षण के लिए 66 टीमें की गई हैं तैनात
औद्योगिक प्रदूषण की रोकथाम के लिए एक महीने तक अभियान चलाया जाएगा, जोकि 20 अक्तूबर से 20 नवंबर तक चलेगा। इसमें औद्योगिक इकाइयों के निरीक्षण के लिए डीपीसीसी और डीएसआईआईडीसी की 66 टीमों की तैनाती की गई हैं।
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राजधानी में सर्दी के मौसम में होने वाले वायु प्रदूषण में औद्योगिक प्रदूषण की भी भागीदारी होती है। इससे निपटने के लिए दिल्ली सरकार सख्त हो गई है। औद्योगिक प्रदूषण की रोकथाम के लिए एक महीने तक अभियान चलाया जाएगा, जोकि 20 अक्तूबर से 20 नवंबर तक चलेगा। इसमें औद्योगिक इकाइयों के निरीक्षण के लिए डीपीसीसी और डीएसआईआईडीसी की 66 टीमों की तैनाती की गई हैं।
इस संबंध में बुधवार को दिल्ली सचिवालय में पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने समीक्षा बैठक की। उन्होंने बताया कि औद्योगिक अपशिष्ट की डंपिंग की निगरानी के लिए पेट्रोलिंग टीम तैनात की गई है। इस बैठक में डीपीसीसी, पर्यावरण विभाग, डीएसआईआईडीसी समेत अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
66 टीम प्रदूषण को रोकने के लिए करेंगी त्वरित कार्रवाई
राय ने बताया कि सर्दी के मौसम में होने वाले प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए 29 सितंबर को 15 फोकस प्वाइंट पर आधारित विंटर एक्शन प्लान की घोषणा की गई थी। दिल्ली में वायु प्रदूषण में और सुधार लाने के लिए विंटर एक्शन प्लान के तहत औद्योगिक प्रदूषण पर निगरानी और उसके अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य शुरू हो गया है। यह सभी 66 टीमें औद्योगिक इकाइयों पर निगरानी रखने और उनके द्वारा प्रदूषण को रोकने के लिए त्वरित कदम उठाने का कार्य करेगी। जिसकी रिपोर्ट समय-समय पर पर्यावरण विभाग को भेजी जाएंगी। डीपीसीसी की इस टीम को औद्योगिक इकाइयों द्वारा पर्यावरण नियमों के उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई करने का आदेश जारी किया गया है।
1753 पंजीकृत औद्योगिक इकाइयों को पीएनजी में किया गया परिवर्तित
गोपाल राय ने बताया कि दिल्ली की 1753 पंजीकृत औद्योगिक इकाइयों को पीएनजी में परिवर्तित कर दिया गया है। ऐसे में कोई भी औद्योगिक इकाई पर्यावरण के नियमों का उल्लंघन करती पाई जाती है, तो उस पर संबंधित विभाग द्वारा उचित और सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीपीसीसी को जारी किए गए निर्देश
- औद्योगिक क्षेत्रों से औद्योगिक कचरे का नियमित उठान और उचित वैज्ञानिक निपटान सुनिश्चित करना।
- उद्योगों को केवल अनुमोदित ईंधन पर संचालन