{"_id":"5d710c028ebc3e93ca6f6ed7","slug":"one-crore-signatures-will-hand-to-centre-by-scheduled-society-over-sant-ravidas-temple-dispute","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्लीः संत रविदास मंदिर विवाद में केंद्र को एक करोड़ हस्ताक्षर सौंपेगा अनुसूचित समाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्लीः संत रविदास मंदिर विवाद में केंद्र को एक करोड़ हस्ताक्षर सौंपेगा अनुसूचित समाज
Thu, 05 Sep 2019 07:09 PM IST
Abhishek Singh
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: Abhishek Singh
Updated Thu, 05 Sep 2019 07:09 PM IST
सार
- डीडीए ने तोड़ी थी संत रविदास मंदिर।
- 14 सितंबर से तुगलकाबाद चलो अभियान की होगी शुरुआत।
- मंदिर निर्माण के लिए जंतर-मंतर पर चल रहा सांकेतिक धरना।
विज्ञापन
भीम आर्मी कार्यकर्ताओं की रैली
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
तुगलकाबाद वन क्षेत्र में संत रविदास के मंदिर को डीडीए के द्वारा तोड़ दिए जाने के विवाद में मामला और गहरा गया है। अनुसूचित समाज के संगठनों ने निर्णय लिया है कि अगर सरकार मंदिर निर्माण पर कोई फैसला नहीं लेती तो वे 10 सितंबर से तुगलकाबाद क्षेत्र में पहुंचेंगे और मंदिर के स्थल पर माथा टेकेंगे। इसके अलावा 14 सितंबर से तुगलकाबाद चलो अभियान चलाया जाएगा।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- संत रविदास मंदिर: अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे लोगों ने दी चेतावनी, 5 सितंबर तक मांगी जमीन
विज्ञापन
केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर विचार करने के लिए बाध्य करने के लिए समाज के लोग एक अभियान चलाएंगे और मंदिर बनाने के समर्थन में एक करोड़ हस्ताक्षर सरकार को सौंपेंगे। इन फैसलों के साथ ही आज गुरुवार को मंदिर निर्माण के लिए जंतर-मंतर पर चल रहा सांकेतिक धरना स्थगित कर दिया गया।
विज्ञापन
रविदास मंदिर निर्माण के लिए आंदोलन चला रहे दलित चिंतक अशोक भारती ने कहा कि केंद्र सरकार इस समय अनुसूचित समाज के हितों की उपेक्षा कर रही है। चुनाव के समय वह स्वयं को अनुसूचित समाज का हित चिंतक बताती है लेकिन चुनाव के बाद उसे इनकी याद नहीं आती। वह पूरे समाज की उपेक्षा कर रही है। वे सरकार से मांग करते हैं कि वह दलित समाज की भावनाओं और चिंताओं को समझते हुए संत रविदास मंदिर का तुरंत निर्माण करे।