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विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 70 लोगों से एक करोड़ ठगे
Mon, 20 Jan 2020 07:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 20 Jan 2020 07:11 AM IST
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झांसेबाजों को पकड़ा...
- फोटो : अमर उजाला
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गोविंदपुरी थाना पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से पुलिस ने 9 पासपोर्ट, पांच मोबाइल और कई कागजात बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपियों ने 70 लोगों से एक करोड़ रुपये ठगे हैं। पुलिस ठगी में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
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दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त चिन्मय बिश्वाल ने बताया कि आरोपियों की पहचान मूलरूप से बिहार के कटिहार निवासी फिरोज आलम और पश्चिम बंगाल निवासी अबीर के रूप में हुई है। पिछले साल 29 नवंबर को गौतमबुद्ध नगर निवासी प्रवीण शर्मा ने गोविंदपुरी थाने में ठगी की शिकायत दी थी। उसने बताया कि तुगलकाबाद एक्सटेंशन के ट्रेवल एजेंट जमाल अहमद ने उसे विदेश में नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया था।
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नौकरी और वीजा के लिए उसने 60 हजार रुपये मांगे। पासपोर्ट और दस हजार रुपये एडवांस ले लिए। साथ ही मेडिकल के लिए ढाई हजार रुपये भी लिए। उसके बाद वीजा आने की बात कहकर 20 हजार रुपये बैंक खाते में जमा करवाए, लेकिन रुपये जमा करने के बाद जमाल फरार हो गया।
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जांच के दौरान पुलिस को 70 अन्य पीड़ितों ने भी शिकायत दी। थाना प्रभारी सतीश राणा के नेतृत्व में पुलिस ने आरोपियों के बैंक खाते की जांच की। पता चला कि आरोपियों ने 15-20 दिन में एक करोड़ रुपये निकाले हैं। पुलिस ने बैंक की सीसीटीवी फुटेज के जरिये खाता धारक अबीर की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
उसकी निशानदेही पर पुलिस ने फिरोज आलम को गिरफ्तार कर लिया। फिरोज ने पुलिस को बताया कि उसने ठगी करने के लिए अबीर के खाते का इस्तेमाल किया था और इसकी एवज में खाते में जमा रकम का पांच फीसदी उसे दिया। फिरोज ने बताया कि वह तैमूर नगर में छह साल से काम कर रहा है।
उसके कुछ परिचित खाड़ी देश में रहते हैं, जिनकी मदद से वह लोगों को विदेश में काम दिलाता है। दिसंबर में उसकी मुलाकात सतेंद्र से हुई थी, जिसने उसे तुगलकाबाद एक्सटेंशन में कार्यालय खोलकर काम करने को कहा। उसने बताया कि ओमान में कई कर्मचारियों की जरूरत है। इसके लिए उसने अपने सहयोगियों जमाल, अफरोज और अरशद की मदद से लोगों से संपर्क करना शुरू किया और फिर उनकी रकम हड़पकर फरार हो गया।