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कड़वा है पर सच है!: CO ने पूछा क्यों बना अपराधी, जवाब मिला- साहब...पहली चोरी में पकड़ा जाता तो न बनता गैंगस्टर

Thu, 24 Aug 2023 10:09 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, गाजियाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, गाजियाबाद Published by: आकाश दुबे Updated Thu, 24 Aug 2023 10:09 PM IST
सार

सीओ ने पूछा कि क्यों अपराध की दुनिया में घुसकर अपना जीवन बर्बाद कर रहा है तो आरोपी ने जवाब दिया कि साहब... पहली चोरी सात साल पहले हाथरस में खोखे को तोड़कर की थी।

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On question of CO in Ghaziabad thief said that if caught after first theft he would not have become a criminal
जीआरपी की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जीआरपी गाजियाबाद ने 15 हजार के इनामी बबलू उर्फ बंटी निवासी सुशांयत, थाना सासनी, जिला हाथरस को रेलवे स्टेशन के पास से दबोच लिया। जीआरपी सीओ ने आरोपी से अपराधी बनने की वजह पूछी तो बोला कि पहली चोरी में पकड़ा जाता तो इनामी नहीं बनता।

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पकड़े गए आरोपी पर जीआरपी थाने में आठ से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। उस पर पिछले दिनों जीआरपी ने 15 हजार का इनाम घोषित किया गया था और उसके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई भी हो चुकी है। अधिकारियों ने बताया कि ट्रेनों में यात्रियों के मोबाइल, कीमती सामान चोरी की घटनाओं को आरोपी पिछले सात साल से अंजाम दे रहा था।

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बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी देने के लिए सीओ जीआरपी सुदेश गुप्ता ने अपने कार्यालय में प्रेसवार्ता बुलाई। मीडिया के सामने आरोपी बंटी से सीओ ने पूछा कि क्यों अपराध की दुनिया में घुसकर अपना जीवन बर्बाद कर रहा है तो आरोपी ने जवाब दिया कि साहब... पहली चोरी सात साल पहले हाथरस में खोखे को तोड़कर की थी।

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वहां साढ़े सात सौ रुपये मिले थे। इसके बाद उसने घरों में चोरी की पांच घटनाएं कीं और ट्रेनों में सामान चोरी की 10 से ज्यादा घटनाओं को अंजाम देने के बाद वह पहली बार पांच साल पहले पकड़ा गया। चोरी से आए पैसे से उसका खर्च चलने लगा और फिर वह लगातार चोरी करने लगा।

उसने कहा कि, यदि पहली चोरी में ही उसको पुलिस पकड़ लेती तो शायद 15 हजार का इनामी नहीं होता और न ही गैंगस्टर बनता। उसने अपने गिरोह के दो अन्य लोगों के नाम भी जीआरपी को बताए। उनकी तलाश में पुलिस की टीम दबिश दे रही है।

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