ऐसा था डॉन का पहला दिन, सुरक्षा के लिए दौड़ती रही पुलिस
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27 वर्ष लौटा अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन अपने देश की धरती पर कदम रखते ही रोने लग गया था। अपने देश की धरती पर रखते हुए ही डॉन भावुक होकर रोने लगा था।
इसे देश की धरती का जादू ही कहेंगे कि कारतूस से बात करने वाला अंडरवर्ल्ड डॉन की अपने देश की धरती पर कदम रखते हुए आंखें नम हो गई थी और वह काफी देर तक अपना माथा घरती से रगड़ता रहा।
पहले उसने देश की धरती को सिर झुलाकर सलाम किया और फिर उसने धरती को होठों से चूमा। अंडरवर्ल्ड के साथ विशेष विमान से साथ उतरे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि उसकी आंखों से काफी देर तक आंसू बहते रहे। पुलिस अधिकारियों ने उसके इस भावुकता के क्षण में काफी देर तक खलल नहीं दिया था।
पुलिस अधिकारी उसे देखते रहे
पुलिस अधिकारी उसे देखते रहे। छोटा राजन को एयरपोर्ट से लोधी कॉलोनी स्थित सीबीआई मुख्यालय पहुंचाने के लिए दो डमी काफिलों को इस्तेमाल किया गया था।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि छोटा राजन को पालम एयरपोर्ट के टेक्नीकल एरिया से सीबीआई हैडक्वार्टर तक लाने के लिए सुरक्षा ऑपरेशन करीब 48 घंटे पहले ही तैयार कर लिया गया था।
सुरक्षा ऑपरेशन को तैयार करने में सीबीआई, रॉ, आईबी और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अधिकारी शामिल थे। छोटा राजन की सुरक्षा लिए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों केकरीब 150 जवानों को चुना गया था। इन सुरक्षा जवानों को 50-50 के तीन ग्रुप में बांटा गया था।
राजन को लाने के लिए डमी काफिलों का इस्तेमाल किया गया
एयरपोर्ट से छोटा राजन को लाने के लिए दो डमी काफिलों का इस्तेमाल किया गया था। छोटा राजन को तीसरे काफिले से लाया गया था। पालम एयरपोर्ट के लिए टेक्नीकल एरिया से कई गाड़ियों का पहला काफिला करीब पौने छह बजे सीबीआई मुख्यालय पहुंचा।
इसमें काफिले में चल रही बुलेट प्रूफ एसयूवी कार छोटा राजन की डमी के रूप में एक पुलिस अधिकारी बैठा था। दूसरा काफी करीब शुक्रवार सुबह करीब 6.06 बजे लोधी कॉलोनी स्थित स्पेशल सेल के कार्यालय पहुंचा।
यहां पर छोटा राजन के रूप में स्पेशल सेल में तैनात एएसआई को बैठाया गया था। तीसरे काफिल में छोटा राजन था। छोटा राजन का काफिला सुबह 6.10 बजे सीबीआई हैडक्वार्टर पहुंचा था। छोटा राजन के साथ डीसीपी स्तर का अधिकारी बैठा था।
डॉन ने पूरे सफर में किसी से नहीं की बात
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि छोटा राजन के सुरक्षा ऑपरेशन को बहुत ही सीक्रेट रखा गया था। इस ऑपरेशन के दौरान दिल्ली पुलिस समेत सुरक्षा एजेंसियों ने वायरलैस सैटों का प्रयोग नहीं किया था।
एयरपोर्ट से लोधी कॉलोनी तक के करीब 25 मिनट के रास्ते में पीसीआर वैन को अलर्ट किया गया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार एयरपोर्ट से सीबीआई मुख्यालय तक के सफर के दौरान छोटा राजन ने किसी से बात नहीं की।
जबकि छोटा राजन के पास डीसीपी स्तर का एक अधिकारी बैठा था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार सफर के दौरान छोटा राजन पूरी तरह चुप रहा था।
स्पेशल सेल कार्यालय की सुरक्षा बढ़ाई हुई है
भले ही छोटा राजन को सीबीआई मुख्यालय में रखा गया हो मगर स्पेशल सेल के लोधी कॉलोनी स्थित कार्यालय की शुक्रवार को सुरक्षा बढ़ाई हुई थी। स्पेशल सेल के कार्यालय के सामने स्थित रोड को दोनों तरफ से बंद किया हुआ था।
दोनों तरफ काफी पुलिसकर्मी तैनात थे। पुलिसकर्मी अगर किसी को जाने दे रहे थे पूछताछ करने केबाद ही जाने दे रहे थे। सेल कार्यालय के सामने स्थित मेन रोड के अलावा साइड की सड़कों को भी बंद किया हुआ था।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार छोटा राजन को एयरपोर्ट से सीबीआई मुख्यालय लाने के लिए दो रूट लगाए गए थे। एक मेन रूट था जबकि दूसरा वैकल्पिक रूट था। ऐन वक्त पर मेन रूट से छोटा राजन को लाने का प्लान को त्याग दिया गया था।
बताया जा रहा है कि छोटा राजन को पालम से सीबीआई हैडक्वाटर तक दूसरे वैकल्पिक रूट से लाया गया था। हालांकि इस रूट पर भी कुछ पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।