{"_id":"652778026b2fcacf3d006948","slug":"om-birla-traveled-by-metro-to-reach-yashobhoomi-convention-center-2023-10-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"P-20 Summit: ओम बिरला ने मेट्रो से किया सफर, 9वें जी-20 संसदीय अध्यक्ष शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
P-20 Summit: ओम बिरला ने मेट्रो से किया सफर, 9वें जी-20 संसदीय अध्यक्ष शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल
Thu, 12 Oct 2023 10:07 AM IST
विजय पुंडीर
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Thu, 12 Oct 2023 10:07 AM IST
सार
9वें पी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने द्वारका में यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर तक पहुंचने के लिए दिल्ली मेट्रो में यात्रा की।
विज्ञापन
दिल्ली मेट्रो में सफर करते ओम बिरला
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जी-20 देशों की संसदों के अध्यक्ष एवं पीठासीन अधिकारियों का भारत में आयोजित होने जा रहे 9वें पी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए नई दिल्ली पहुंचना शुरू हो गया है। इसी सम्मेलन में भाग लेने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने द्वारका में यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर तक पहुंचने के लिए दिल्ली मेट्रो में यात्रा की।
विज्ञापन
इसी सम्मेलन में भाग लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया के प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष मिल्टन डिक दिल्ली में मौजूद हैं। यहां उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए भारत के डिजिटलीकरण की तारीफ की। कहा, ‘हम अर्थव्यवस्था के डिजिटलीकरण, नागरिकों की सूचना तक पहुंच और शक्ति सुनिश्चित करने की सफलता के मामले में भारत से बहुत कुछ सीख सकते हैं।’
विज्ञापन
क्या है पी-20?
पिछले महीने जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान जी-20 देशों के प्रमुखों की मेजबानी करने के बाद अब दिल्ली पी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इसके तहत जी-20 देशों के संसदीय अध्यक्षों व पीठासीन अधिकारियों की बैठक होगी। इस आयोजन में 30 से अधिक देशों के अध्यक्षों ने पहले ही अपनी भागीदारी की पुष्टि कर दी है। शिखर सम्मेलन से पहले 12 अक्टूबर, 2023 को एक पार्लियामेंट फोरम होगा। शिखर सम्मेलन का विषय ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य के लिए संसद’ है, जो ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के प्राचीन भारतीय दर्शन से प्रेरणा लेता है।
विज्ञापन