पैर छूकर जेवर ले उड़ा ‘दरोगा’, जांच में जुटी पुलिस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजियाबाद। रेलवे अस्पताल के बाहर सोमवार दोपहर ‘दरोगा’ ने दवा लेने आई वृद्धा विद्या शर्मा के पैर छूकर उनके जेवर उतरवा लिए। बहाना बनाया कि बेटी की शादी में वह भी ऐसे ही जेवर बनवाएगा।
जेवर की धूप में फोटो खींचने का बहाना कर दरोगा महिला के जेवर लेकर बाइक पर साथी संग भाग गया। वारदात की शिकायत महिला ने कोतवाली पुलिस से की।
विद्या शर्मा (70) गुप्ता कालोनी में रहती हैं। पति की मौत हो चुकी है, बेटे गौरव शर्मा को पिता की जगह रेलवे में नौकरी मिली है। वह बड़ौदा हाउस में कार्यरत है। वृद्धा ने बताया कि रेलवे अस्पताल से उनका इलाज चल रहा है।
सोमवार को दवाई लेने आई थीं। दोपहर करीब 12 बजे वह दवा लेकर घर जाने के लिए अस्पताल के बाहर रिक्शे का इंतजार कर रही थीं। इस दौरान बाइक पर एक दरोगा साथी संग आया और उतरकर उसके पैर छुए।
विश्वास जीतने के बाद दिया धोखा
दरोगा के बाल लाल थे, नेम प्लेट पर ‘वीके शर्मा’ लिखा था। उसने अपने साथी को वृद्धा के लिए रिक्शा लाने भेज दिया। इसके बाद उसने महिला से उनका नाम और बेटे का नाम पूछा।
बेटे का नाम पता चलने पर दरोगा ने उसे अपना दोस्त बताया और महिला को अस्पताल के मेनगेट के पास कुर्सी पर बैठाया। फिर महिला के गहनों की तारीफ करते बोला कि उसे भी अपनी बेटी के लिए ऐसे ही जेवर बनवाने हैं।
महिला के दो कंगन, दो अंगूठियां और सोने की चेन उसने फोटो खींचने के बहाने उतरवा ली। कहा कि अंधेरा होने के कारण फोटो अच्छी नहीं आ रही है, धूप में फोटो खींचकर लाता हूं।
एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी
यह कहकर जब काफी देर तक दरोगा नहीं लौटा तो महिला अस्पताल से बाहर निकली और लोगों से पूछताछ की। तब उसे ठगे जाने का पता चला। राहगीरों ने कंट्रोल रूम पर शिकायत की।
महिला ने बताया कि ज्वैलरी की कीमत करीब दो लाख की है। एसपी सिटी डॉ. अजयपाल ने बताया कि वारदात करने वालों को ट्रेस किया जा रहा है।
पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी की, वृद्धा के परिजनों ने बताया कि तीन बार तहरीर लिखवाई गई। अपनी मर्जी से एफआईआर लिखवाने की कोशिश पुलिस कर रही थी, मामले की शिकायत एसपी सिटी से की गई तो पुलिस हरकत में आई।