10 से 15 साल पुरानी गाड़ियों की जब्ती का मामलाः कबाड़ वाहनों के बोझ से दबने लगा परिवहन विभाग
राजधानी में प्रदूषण को कम करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत दिल्ली परिवहन विभाग ने एक महीने में 20 हजार से ज्यादा वाहनों के चालान काटे हैं। जबकि 200 से अधिक वाहनों को जब्त किया है।
बड़ी संख्या में वाहन पकड़े जाने से सराय काले खां पिट (जब्त वाहनों को रखने की जगह) भर चुका है। जबकि बुराड़ी पिट में कम जगह बच गई है। इसके चलते अब पकड़े गए वाहन परिवहन विभाग के लिए सिरदर्द बनेंगे। हालांकि, द्वारका स्थित पिट में जगह तो है लेकिन राजधानी के कोने-कोने से द्वारका तक वाहनों को पहुंचाना विभाग के लिए परेशानी का सबब बन रहा है।
दिल्ली परिवहन विभाग के सूत्रों के अनुसार राजधानी में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को बंद के तहत अभियान शुरू किया गया है। 5 अक्तूबर से 5 नवंबर तक 200 कबाड़ वाहन जब्त किए जा चुके हैं।
इसके अलावा प्रदूषण फैलाने वाले 20 हजार से ज्यादा वाहनों के चालान किए गए हैं। इनमें विजिबल प्रदूषण और बिना प्रदूषण कागजात वाले वाहन भी शामिल हैं। परिवहन विभाग का यह अभियान अभी जारी है।
बताया जा रहा है कि परिवहन विभाग के पास जब्त वाहनों को खड़ा करने के लिए सराय काले खां, बुराड़ी और द्वारका में पिट्स हैं। इनमें सराय काले खां पिट में 250, बुराड़ी में 700-800 और द्वारका में 1200 वाहन खड़े किए जा सकते हैं। इनमें से सराय काले खां पिट भर चुकी है।
वहीं, बुराड़ी में करीब 400 वाहन खड़े किए जा चुके हैं और करीब 100 वाहनों के लिए जगह खाली है। ऐसे में अब द्वारका पिट ही विकल्प बचा है। ऐसे में अब बुराड़ी पिट जल्द ही भर गई तो जब्त वाहनों को द्वारका में ही खड़ा करना पड़ेगा। खबर है कि स्क्रैप वाहनों का पिट्स से निकालने के लिए परिवहन विभाग द्वारा इनकी निलामी की जा सकती है।