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ओल्ड राजेंद्र नगर हादसा : सीबीआई ने पूरी नहीं की जांच, मृतक छात्र के पिता ने लगाए आरोप
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। ओल्ड राजेंद्र नगर में कोचिंग सेंटर में पानी भरने से छात्रों की मौत के मामले में नई याचिका दाखिल की गई है। याचिका मृतक छात्र नेविन डालविन के पिता जय दालविन ने दाखिल की है। याचिका में आरोप लगाया गया कि सीबीआई ने मामले में पक्षपातपूर्ण और अधूरी जांच की है। राउज एवेन्यू कोर्ट में प्रोटेस्ट याचिका दाखिल की गई है। याचिका में दावा किया कि सीबीआई ने जांच के दौरान महत्वपूर्ण सबूतों को नजरअंदाज किया और मामले की गहराई से पड़ताल नहीं की। पिता ने आगे जांच की मांग की है ताकि हादसे के असली जिम्मेदारों को सजा मिल सके। सीबीआई ने हाल ही में राउज एवेन्यू कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया कि मामले में कोई अतिरिक्त जांच की आवश्यकता नहीं है। एजेंसी ने दावा किया कि सभी सबूत एकत्र कर लिए हैं और विभिन्न कोणों से उनकी जांच पूरी हो चुकी है। सीबीआई ने पहले ही इस मामले में चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें कोचिंग सेंटर के मालिक समेत छह आरोपियों को नामित किया गया है। एजेंसी ने आरोप लगाया था कि बेसमेंट को एमसीडी की मंजूरी के विपरीत व्यावसायिक उपयोग (लाइब्रेरी और परीक्षा हॉल) के लिए जानबूझकर इस्तेमाल किया था, जो बाढ़ के प्रति संवेदनशील था।
हादसे में श्रेया यादव तान्या सोनी और नेविन दलविन नामक तीन छात्रों की डूबने से मौत हो गई थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने अगस्त 2024 में जांच दिल्ली पुलिस से हटाकर सीबीआई को सौंपी थी। जांच में कोचिंग सेंटर के अलावा एमसीडी और दिल्ली फायर सर्विस के कुछ अधिकारियों की भी लापरवाही सामने आई थी, जिनके खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की गई।
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नई दिल्ली। ओल्ड राजेंद्र नगर में कोचिंग सेंटर में पानी भरने से छात्रों की मौत के मामले में नई याचिका दाखिल की गई है। याचिका मृतक छात्र नेविन डालविन के पिता जय दालविन ने दाखिल की है। याचिका में आरोप लगाया गया कि सीबीआई ने मामले में पक्षपातपूर्ण और अधूरी जांच की है। राउज एवेन्यू कोर्ट में प्रोटेस्ट याचिका दाखिल की गई है। याचिका में दावा किया कि सीबीआई ने जांच के दौरान महत्वपूर्ण सबूतों को नजरअंदाज किया और मामले की गहराई से पड़ताल नहीं की। पिता ने आगे जांच की मांग की है ताकि हादसे के असली जिम्मेदारों को सजा मिल सके। सीबीआई ने हाल ही में राउज एवेन्यू कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया कि मामले में कोई अतिरिक्त जांच की आवश्यकता नहीं है। एजेंसी ने दावा किया कि सभी सबूत एकत्र कर लिए हैं और विभिन्न कोणों से उनकी जांच पूरी हो चुकी है। सीबीआई ने पहले ही इस मामले में चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें कोचिंग सेंटर के मालिक समेत छह आरोपियों को नामित किया गया है। एजेंसी ने आरोप लगाया था कि बेसमेंट को एमसीडी की मंजूरी के विपरीत व्यावसायिक उपयोग (लाइब्रेरी और परीक्षा हॉल) के लिए जानबूझकर इस्तेमाल किया था, जो बाढ़ के प्रति संवेदनशील था।
हादसे में श्रेया यादव तान्या सोनी और नेविन दलविन नामक तीन छात्रों की डूबने से मौत हो गई थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने अगस्त 2024 में जांच दिल्ली पुलिस से हटाकर सीबीआई को सौंपी थी। जांच में कोचिंग सेंटर के अलावा एमसीडी और दिल्ली फायर सर्विस के कुछ अधिकारियों की भी लापरवाही सामने आई थी, जिनके खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की गई।
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