केजरीवाल की नई कैबिनेट में होंगे पुराने चेहरे, इस तरह होगा दिल्ली का नया मंत्रिमंडल
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दिल्ली चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के दूसरे दिन बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने वरिष्ठ नेताओं के साथ मंत्रिमंडल के सदस्यों के नामों पर चचा की। इस दौरान सभी विकल्पों पर विचार किया गया।
सूत्रों के मुताबिक, केजरीवाल का मानना है कि मंत्रिमंडल के जिन सहयोगियों के काम के आधार पर पार्टी ने चुनाव में जीत दर्ज की है, दोबारा उन्हीं के साथ सरकार बनाई जाए। हालांकि, मंत्रियों के विभागों का बंटवारा बाद में किया जाएगा।
विधायक दल की बैठक के बाद अरविंद केजरीवाल ने आप के वरिष्ठ सहयोगियों के साथ मंत्रिमंडल के सदस्यों के नामों पर चर्चा की। इसमें पार्टी के तीन वरिष्ठ नेता राघव चड्ढा, दिलीप पांडेय व आतिशी का नाम सामने आया। वहीं, सिख समुदाय के प्रतिनिधि के तौर पर जरनैल सिंह के नाम पर भी चर्चा र्हुई। जबकि मुस्लिम समुदाय के सदस्यों के नाम पर भी चर्चा हुई। वरिष्ठ नेताओं ने नए सदस्यों की खूबियों व कमजोरियों पर चर्चा की।
सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री समेत ज्यादा नेताओं का मानना था कि दिल्ली सरकार के मौजूदा मंत्रिमंडल ने बेहतर तरीके से काम किया है। इसी सरकार के काम के दम पर चुनाव जीता गया है। सभी मंत्री विधायक भी बने हैं। ऐसे में मंत्रियों को हटाना ठीक नहीं है। दिल्ली की नई सरकार में पुराने मंत्री ही आगे भी काम करें। आपसी चर्चा करने के बाद विभागों के बंटवारा करने के साथ इस पर अंतिम फैसला लेने की जिम्मेदारी आप नेता ने अरविंद केजरीवाल पर छोड़ दी है।
बदलाव न होने पर इस तरह होगा दिल्ली का नया मंत्रिमंडल
अरविंद केजरीवाल: मुख्यमंत्री
मनीष सिसोदिया
गोपाल राय
सत्येंद्र जैन
इमरान हुसैन
कैलाश गहलोत
राजेंद्र पाल गौतम
गोयल फिर बन सकते है विधानसभा अध्यक्ष
शाहदरा से विधायक राम निवास गोयल को दोबारा विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी मिल सकती है। पार्टी नेताओं का मानना था कि विधानसभा अध्यक्ष के तौर पर गोयल का पिछला कार्यकाल अविवादित रहा है। विषम हालात में भी उन्होंने सदन को बेहतर तरीके से चलाया है। ऐसे में बदलाव की ज्यादा गुंजाइश नहीं बन रही है।
वहीं, पिछले विधानसभा में आप विधायक दल के चीफ व्हिप जगदीप सिंह थे। टिकट न मिलने से इस चुनाव में वह विधानसभा नहीं पहुंच सके। इनकी जगह सिख समुदाय से जरनैल सिंह को चीफ व्हिप की जिम्मेदारी मिल सकती है।