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Brahm shakti Hospital Fire: अस्पताल में फायर फाइटिंग सिस्टम ठप, बाहर जाने के बंद थे रास्ते, मामले की जांच कर रहे अधिकारी
Sun, 12 Jun 2022 05:07 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Sun, 12 Jun 2022 05:07 AM IST
सार
दमकल विभाग के निदेशक अतुल गर्ग ने बताया कि तीसरी मंजिल पर अस्पताल से बाहर निकलने के ज्यादातर रास्ते बंद थे और फायर फाइटिंग सिस्टम ठप था। फायर फाइटिंग सिस्टम काम नहीं कर रहा था, जिस वजह से आग तेजी से फैली। अस्पताल में कई लापरवाही देखने को मिली।
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ब्रह्मशक्ति अस्पताल में आग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रोहिणी के विजय विहार स्थित ब्रह्मशक्ति अस्पताल में आग की घटना के बाद जांच में कई अनियमितताएं मिलीं। दमकल अधिकारियों ने बताया कि किसी भी अस्पताल या बड़े संस्थान में आग लगने के दौरान फायर फाइटिंग सिस्टम की अहम भूमिका होती है। इसका इस्तेमाल कर आग को फैलने से रोका जा सकता है, लेकिन इस अस्पताल में यह सिस्टम लगा तो था, लेकिन काम नहीं कर रहा था। इस वजह से आग तेजी से फैली।
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दमकल विभाग के निदेशक अतुल गर्ग ने बताया कि गनीमत रही कि तीसरी मंजिल पर आग लगी और ऊपर कोई मंजिल नहीं थी। दूसरी या पहली मंजिल पर लगती तो जान माल का काफी नुकसान होता। उन्होंने बताया कि तीसरी मंजिल पर अस्पताल से बाहर निकलने के ज्यादातर रास्ते बंद थे। कुछ पर फायर फाइटर्स को ताला लगा मिला या फिर दरवाजे के पास भारी-भरकम सामान रखा था, जिसके चलते वहां से निकलना संभव ही नहीं था। ऐसी लापरवाही के कारण ही हादसों में ज्यादा लोगों की जान चली जाती है, क्योंकि आपात स्थिति में फंसे लोग दूसरे रास्ते से बाहर नहीं निकल पाते हैं।
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बेटे ने अस्पताल प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप
लक्ष्मी विहार निवासी होली(60) किडनी रोग से ग्रस्त था और अस्पताल में वेंटिलेटर पर था। उनके बेटे संतोष ने बताया कि करीब 15 दिन पहले पिता को ब्रह्मशक्ति अस्पताल में भर्ती कराया था। शुक्रवार शाम वह पिता से मिलकर गया था। उस समय वह बिल्कुल ठीक थे। सुबह थाने से फोन आया कि अस्पताल में आग लग गई है।
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अस्पताल पहुंचने पर उसे बताया कि उनके पिता को दूसरे अस्पताल रेफर किया जा रहा है। इसी बीच पुलिसकर्मियों ने बताया कि उसके पिता की मौत हो चुकी है। संतोष ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही की वजह से उसके पिता की मौत हुई है। अस्पताल से उसे कोई सूचना नहीं दी गई। उसने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।