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आत्महत्या की आशंका से अधिकारियों में हड़कंप
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Thu, 20 Nov 2014 02:38 AM IST
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फरीदाबाद से सटे सोहना तहसील परिसर में बुधवार को महिला द्वारा आत्महत्या किए जाने की आशंका से प्रशासनिक अधिकारियाें में हडकंप मच गया। विवाहित महिला ने तहसीलदार को दो दिन पहले पत्र लिखकर तहसील परिसर में आत्महत्या किए जाने की चेतावनी दी थी।
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अपनी आत्महत्या किए जाने का कारण भाई व भाभी द्वारा पैतृक जमीन में हिस्सा न देकर बेच देना बताया है। वही महिला द्वारा आत्महत्या किए जाने की आंशका से पूरे दिन तहसीलदार ने पुलिस व दमकल विभाग कर्मचारियाें को तैनात रखा।
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बुधवार को सोहना तहसील परिसर में पूरे दिन हडकंप का माहौल बना रहा। हडकंप का कारण गांव गढ़ीबाजीदपुर निवासी महिला द्वारा दो दिन पहले पत्र भेजकर तहसील परिसर में आत्महत्या करने इच्छा जताना था। महिला ने तहसील परिसर में आत्महत्या करने कारण भाई-भाभी द्वारा पैतृक जमीन में से हिस्सा न देना तथा एक भाई द्वारा जमीन का कुछ हिस्सा बेच देना बताया गया।
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यह पत्र गांव गढ़ी बाजीदपुर निवासी बबीता पुत्री रोहताश पुत्र गुरदयाल सिंह ने कोरियर के माध्यम से तहसीलदार को भेजा था। महिला के भेजे गए पत्र की प्राप्ती के बाद से स्थानीय प्रशासन में हडकंप मचा हुआ है। बुधवार की सुबह छह बजे से तहसील परिसर में पुुलिस व दमकल विभाग कर्मचारियाें को महिला द्वारा आत्महत्या किए जाने की आशंका को लेकर सुरक्षा व्यवस्था तैनात कर दी गई।
इतना ही नही तहसीलदार दलजीत सिंह व नायब तहसीलदार किफायतुल्ला भी सुबह आठ बजे तहसील में पहुंच गए। वही तहसील में आने वाले वकीलाें से लेकर अजनवी व वसीका नवीस, कर्मचारियाें तथा आम लोगाें में पूरे दिन महिला द्वारा आत्महत्या किए जाने की आशंका चर्चा का विषय बना रहा।
क्या लिखा महिला ने पत्र में
गांव गढ़ीबाजीदपुर निवासी महिला बबीता ने अपनी ससूराल से तहसीलदार के नाम लिखे पत्र में कहा ‘मेरे भाइयाें व भाभी ने पैतृक 6 एकड़ जमीन में से हिस्सा देना मना कर दिया है। मेरा दो बच्चों बेटी व बेटा है। मेरा पति ग्रामीण सेवा बस दिल्ली में चलाता है।
पैसे की कमी के कारण उसके बच्चाें की बढ़ाई बीच में छुट गई है। बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है। बेटा इंजिनियरिंग की पढ़ाई छोड़कर घर पर बैठा है। उसके भाई महेश व राकेश ने पिता के जमीनी कागजातों पर मरने से पहले बेहोशी हालत में झूठे अंगूठा व दस्तक करा लिए गए थे। एक भाई ने जमीन का कुछ हिस्सा बेच दिया है।
जिसमें उसके साईंन नही कराए गए है। जब वह भाइयाें से अपनी हिस्सा मांगती है। तो उसके भाई व भाभी जमीन में से हिस्सा देने से साफ मना करते है। यदि हरियाणा सरकार ने एक सप्ताह के अन्दर उसको न्याय नही दिलाया तो वह तहसील परिसर में 19 नवंबर को आत्महत्या कर करूंगी’।
महिला के पिता कराई बेटों के नाम वसीयत
तहसील कार्यालय से प्राप्त रिकार्ड के अनुसार महिला बबीता के पिता रोहताश ने 1 जून 2011 को अपने दोनाें बेटा महेश व राकेश के नाम जमीन की वसीयत कर दी थी। जिसका इंतकाल 7 दिसम्बर 2011 को दर्ज भी हो गया था। जिसका नंबर 1233 रहा है।
क्या कहते है तहसीलदार
तहसीलदार दलजीत सिंह ने बताया कि महिला बबीता द्वारा आत्महत्या किए जाने का पत्र उन्हे दो दिन पहले कोरियर के माध्यम से मिला था। जो महिला ने 14 नवंबर को कोरियर किया था।
उन्होने बताया कि राजस्व रिकार्ड अनुसार बबीता के पिता द्वारा अपने बेटाें के नाम वसीयत कराई जा चुकी है। जिसका इंतकाल भी दर्ज है। तहसीलदार ने बताया कि महिला द्वारा आत्महत्या किए जाने की आशंका के मध्यनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए गए थे।