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अधिकारी कानून की उड़ा रहे धज्जियां: एक साल बाद भी नहीं आरटीआई की जानकारी

Wed, 14 Dec 2016 12:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम Updated Wed, 14 Dec 2016 12:26 AM IST
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officers making breaking law not giving answer of rti
- फोटो : अमर उजाला

नगर परिषद विभाग अधिकारियों की मनमानी कहे अथवा लापरवाही एक वर्ष के बीत जाने के बाद भी आरटीआई का जबाब नहीं दिया है। आरटीआई के कागज दफ्तर में पड़े धूल फांक रहे है।

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वहीं पीड़ित आवेदक कई बार लिखित में स्मरण पत्र प्रेषित कर चुका है। किन्तु अधिकारियों के कान पर आज तक भी जूं नहीं रेंगी है। जिससे सूचना का अधिकार अधिनियम मात्र कागजी आदान प्रदान तक ही सीमित रह गया है।
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सोहना परिषद अधिकारीगण सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की जमकर धज्जियां उड़ाने में लगे हैं। अधिकारी उक्त कानून को सिरे से नकार कर मनमानी चला रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में अधिकारियों ने एक साल बीतने पर भी आवेदक द्वारा मांगी सूचनाओं का अभी तक कोई भी जबाब नहीं दिया है।
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जबकि नियम के अनुसार एक माह में जबाब देना अनिवार्य है। आवेदक परिषद कार्यालय के धक्के खा रहा है। लेकिन आज तक उसे सूचनाओं की जानकारी नही दी गई। कस्बे के वार्ड-15 निवासी सुरेंद्र ने 6 जनवरी 2016 को आरटीआई एक्ट के तहत विभिन्न बिन्दुओं पर जानकारी हासिल करने के लिए अधीनस्थ अधिकारी को अधिकृत  कर दिया था।

किन्तु विभाग ने आवेदक को किसी प्रकार की जानकारी उपल्बध नहीं कराई। जिस पर पीड़ित आवेदक ने क्रमांक 17 जून व 13 अक्टूबर को स्मरण पत्र लिखित रूप में प्रेषित कर जानकारी देने की गुहार लगाई थी। किन्तु अधिकारीगण उक्त कानून को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।


आवेदक करेगा सीएम से शिकायत:
 आरटीआई आवेदक सुरेंद्र कुमार ने सूचनाएं उपलब्ध न कराने पर लापरवाह अधिकारियों की शिकायत करेगा। इसके लिए सीएम विंडो का सहारा लेगा। आवेदक का कहना है कि परिषद अधिकारी अपनी मनमानी चलाकर नागरिकों को परेशान करने में लगे हैं। जिससे सरकार की छवि खराब हो रही है। 

क्या कहते है अधिकारी
नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी विजयपाल यादव का कहना है कि जानकारी उपलब्ध कराने के लिए संबधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी है।

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