राज ठाकरे की पार्टी की मान्यता होगी रद्द!
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) की वेबसाइट पर आपत्तिजनक सामग्री के मामले को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। अदालत ने चुनाव आयोग से इस मुद्दे पर जवाब तलब किया है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बीडी अहमद व न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की खंडपीठ ने चुनाव आयोग को अपना जवाब 20 जुलाई तक दाखिल करने का निर्देश दिया है।
खंडपीठ ने आयोग को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि ऐसे मामले में क्या कार्रवाई की गई है और क्या कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा क्या ऐसे मामले में पार्टी की मान्यता रद्द करने का प्रावधान है।
क्या है आपत्तिजनक सामग्री?
वेबसाइट पर प्रकाशित की गई सामग्री के खिलाफ याचिका दाखिल करने वाले अधिवक्ता मिथलेश कुमार पांडेय ने खंडपीठ को बताया कि एमएनएस की वेबसाइट पर विजिन नाम से महाराष्ट्र के बाहर के लोगों के खिलाफ काफी आपत्तिजनक सामग्री डाली हुई है।
इसमें मराठी के अलावा अन्य लोगों को महाराष्ट्र से बाहर करने इत्यादि भाषण हैं। उन्होंने कहा इससे दो समुदायों के बीच शत्रुता पैदा करने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया चल रही है, बावजूद इसके चुनाव आयोग ने इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। अत: चुनाव आयोग को एमएनएस के खिलाफ उचित कार्रवाई व पार्टी की मान्यता रद्द करने का निर्देश दिया जाए।जेटली ने इसका खुलासा क्यों नहीं किया।