भारी भीड़ के बीच केजरीवाल सरकार ने ली शपथ
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शनिवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल जनसमूह के सामने अरविंद केजरीवाल ने दोपहर 12 बजे के करीब दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
विधानसभा चुनाव में 70 में से 67 सीटें जीतनी वाली आम आदमी पार्टी के इस पहले औपचारिक समारोह को देखने के लिए दिल्ली ही नहीं देश के अन्य राज्यों से भी लोगों का विशाल जनसमूह रामलीला मैदान पहुंचा था।
शनिवार तड़के सुबह से ही लोगों को रामलीला मैदान में जुटना शुरु हो गया था और 12 बजने से पहले ही पूरा रामलीला मैदान खचाखच भर चुका था।
शपथ ग्रहण में शामिल होने के लिए केजरीवाल सुबह 11.30 के करीब अपने सहयोगी मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, आशीष खेतान और कुमार विश्वास के साथ गाजियाबाद स्थित अपने आवास से निजी कार से दिल्ली रवाना हुए।
अरविंद के साथ मंत्रियों ने ली शपथ
दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग के पहुंचने के साथ ही शपथग्रहण की औपचारिक शुरुआत हुई। सबसे पहले अरविंद केजरीवाल ने पद और गोपनियता की शपथ ली।
अरविंद केजरीवाल के साथ मनीष सिसोदिया, असिम अहमद खान, संदीप कुमार, सत्येंद्र जैन, जितेंद्र तोमर और गोपाल राय ने भी मंत्री पद की शपथ ली।
हालांकि अभी यह घोषण नहीं हुई है कि किसे कौन सा पद मिलेगा लेकिन सूत्रों की मानें तो मनीष सिसोदिया का दिल्ली का उपराज्यपाल बनना तय है। इसके साथ ही उन्हें पीडब्लूडी, शिक्षा और शहरी मंत्रालय दिया जा सकता है।
कौन-कौन बने मंत्री
आम आदमी पार्टी के टिकट पर मटियामहल से चुनाव जीते असीम अहमद खान ने भी इस मौके पर मंत्री पद की शपथ ली। उन्हें पार्टी का अल्पसंख्यक चेहरा माना जा रहा है।
बता दें कि उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज उम्मीदवार शोएब इकबाल को हरा कर इस सीट पर कब्जा किया है। उम्मीद की जा रही है कि उन्हें खाद्य आपूर्ति मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
असीम के अलावा बाबरपुर से विधायक चुने गए गोपाल राय को भी आप सरकार में मंत्री पद दिया गया है। 1997 में लखनऊ विश्वविधालय से छात्र राजनीति की शुरुआत करने वाले गोपाल राय को परिवहन और श्रम मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
भाषण में बीजेपी और कांग्रेस पर साधा निशाना
शपथ ग्रहण के बाद अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दोनों पार्टियों की हार का कारण है कि इनमें अहंकार आ गया है।
हालांकि अपने संबोधन में उन्होंने यह भी माना कि पिछले विधानसभा चुनाव के बाद उनकी पार्टी में भी अहंकार आ गया था जिसकी वजह से लोकसभा चुनाव में पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा।
केजरीवाल ने इस मौके पर लगभग दस मिनट लंबा भाषण दिया जिसमें उन्होंने सांप्रदायिकता, भ्रष्टाचार, जनलोकपाल, वीआईपी कल्चर और सरकार के एजेंडे के बारे में भी बात की साथ ही उन्होंने किरण बेदी और कांग्रेस नेता अजय माकने से भी सहयोग लेने की बात कही।
अरविंद केजरीवाल ने अपने भाषण में क्रिकेट का भी जिक्र किया। उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई दी और उम्मीद जताई कि टीम क्रिकेट वर्ल्ड कप के साथ देश वापस आए।