नर्सरी दाखिला: अभिभावक ध्यान रखें, छात्रों को मिलेगा 30 दिन उम्र छूट का लाभ, दो साल 11 माह पर भी होगा एडमिशन
शिक्षा निदेशालय के मुताबिक, नर्सरी दाखिले के लिए छात्र की उम्र तीन साल से कम और चार साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। वहीं, केजी के लिए छात्र चार साल से कम और पांच साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
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अगर किसी अभिभावक को लगता है कि नर्सरी दाखिले के लिए उनके बच्चे की उम्र एक माह कम या ज्यादा हो रही है तो वो भी अपने बच्चे का दाखिला करा सकते हैं। शिक्षा निदेशालय का कहना है कि दाखिले के लिए उम्र में 30 दिन की छूट स्कूल प्रमुखों के स्तर पर दी जाएगी। हालांकि, ये छूट निदेशालय की ओर से नहीं दी जा रही है। इसके लिए अभिभावकों को स्कूल की प्रधानाचार्य से संपर्क करना होगा। वह पत्र लिखकर उम्र में रियासत भी मांग सकते हैं। स्कूल अपने स्तर पर दाखिले की उम्र सीमा में छूट देंगे।
शिक्षा निदेशालय के मुताबिक, नर्सरी दाखिले के लिए छात्र की उम्र तीन साल से कम और चार साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। वहीं, केजी के लिए छात्र चार साल से कम और पांच साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। जबकि पहली क्लास के लिए छात्र की उम्र पांच साल से कम और छह साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
अभिभावकों का कहना है कि एक महीने की छूट मिलने से उनके बच्चों का काफी फायदा होगा। एक महीने बाद उनका बच्चा तीन साल को हो जाएगा। अगर एक महीने की छूट नहीं मिलेगी तो उन्हें अगले साल तक का इंतजार करना पड़ता। लेकिन अब वे दाखिले के लिए आवेदन करने के लिए सक्षम है। एक स्कूल की प्रधानाचार्य ने कहा कि छात्रों के दाखिले के लिए एक महीने की छूट तो मिलनी ही चाहिए। ऐसा करने से उसका एक साल बर्बाद नहीं होगा। उन्होंने बताया कि उनके स्कूलों में सुबह से ही अभिभावक आवेदन फॉर्म के लिए पहुंच रहे हैं।
130 स्कूलों ने जारी नहीं किए मानदंड
दिल्ली के निजी स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हफ्ते भर हो गए। इसके बावजूद 1731 में से 130 स्कूलों ने शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट में मानदंड अपलोड नहीं किए हैं। इस पर शिक्षा निदेशालय ने सख्ती दिखाई है। उन्होंने कहा है कि इन स्कूलों की नर्सरी दाखिला प्रक्रिया रद्द कर जाएगी।