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नर्सरी दाखिला: पहली सूची में इतने अंक प्राप्त करने वालों को मिली जगह, कई अभिभावक परेशान; इस दिन आएगी अगली सूची
Fri, 17 Jan 2025 09:39 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: श्याम जी.
Updated Fri, 17 Jan 2025 09:39 PM IST
सार
दिल्ली के निजी स्कूलों में पहली सूची जारी होते ही अभिभावकों की भीड़ देखने को मिली। अभिभावक दाखिला फॉर्म, फीस के संबंध में जानकारी लेते दिखाई दिए। कई ऐसे अभिभावक रहे जिन्हें पहली सूची से निराशा हाथ लगी।
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नर्सरी दाखिला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली के 1700 से अधिक निजी स्कूलों ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के तहत नर्सरी में दाखिले के लिए शुक्रवार को पहली सूची व प्रतीक्षा सूची जारी कर दी। इससे किसी को खुशी मिली है तो किसी को गम। अधिकतर स्कूलों की दाखिला सूची में पड़ोस (नेबरहुड), भाई-बहन (सिबलिंग), एल्युमिनाई (पूर्व छात्र) मानकों के अंकों ने ही बच्चों की सीट को पक्का किया है। पहली सूची में 100 से 50 अंक प्राप्त करने वालों को ही इसमें जगह मिली है। वहीं, कुछ बच्चों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है।
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दिल्ली के निजी स्कूलों में शुक्रवार को पहली सूची जारी होते ही अभिभावकों की भीड़ देखने को मिली। अभिभावक दाखिला फॉर्म, फीस के संबंध में जानकारी लेते दिखाई दिए। कई ऐसे अभिभावक रहे जिन्हें पहली सूची से निराशा हाथ लगी। कई अभिभावकों ने औसतन 10-15 स्कूलों में आवेदन किया था, लेकिन कई बच्चों का नंबर ना ही पहली सूची में आया और न ही प्रतीक्षा सूची में जगह मिली है। अभिभावकों को यह नहीं पता चल रहा है कि इतने स्कूल में आवेदन करने के बाद भी उन्हें सूची में जगह क्यों नहीं मिली है। इस कारण से अभिभावकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
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सूची में नाम नहीं आने से अभिभावक परेशान
सूची में नाम नहीं आने पर अभिभावक लॉटरी को लेकर शिकायत कर रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि जब लॉटरी निकाली गई तो उन्हें बुलाया नहीं गया। कुछ अभिभावकों को बुलाकर लॉटरी गुपचुप तरीके से निकाल ली गई। एक अभिभावक दीपेंद्र ने कहा कि उनके पास केवल नेबरहुड के ही अंक थे, यदि उनके बच्चे को सिबलिंग (भाई-बहन) व एल्युमिनाई (पूर्व छात्र) के अंक मिल जाते तो दाखिला हो जाता। वह भाई-बहन व पूर्व छात्र मानकों के अंक होने के कारण रह गए। एक अभिभावक दीप्ति ने कहा कि उन्होंने पूर्वी दिल्ली के 10-12 स्कूलों में आवेदन किया था। न ही पहली सूची में और न ही प्रतीक्षा सूची में बच्चे का नाम आया है।
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दाखिले के लिए दो स्कूल में नाम आया
निहाल गुप्ता ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी के लिए 15 स्कूल में आवेदन किया था। उनकी बेटी के दाखिले के लिए दो स्कूल में नाम आया। जहां नाम आया है वहां फीस अधिक होने के कारण उन्होंने बिना सूची के ही किसी अन्य स्कूल में कम फीस के साथ दाखिला करा लिया है। कुछ अभिभावकों का कहना है कि वह लकी रहे क्योंकि उनके पास पड़ोस के साथ-साथ भाई-बहन व पूर्व छात्र मानक के अंक मिले। वहीं कई अभिभावक हैरानी जता रहे हैं कि स्कूल से घर की दूरी तीन किलोमीटर होने के बावजूद उन्हें सूची में जगह नहीं मिली।
स्कूलों ने 100 से 50 अंक वालों को दी जगह
ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल ने 90 बच्चों की सूची जारी की है। इसमें 88-56 अंक प्राप्त करने वालों को ही जगह मिली है। स्कूल ने पड़ोस के 50 अंक, पूर्व छात्र के लिए 12 अंक, भाई-बहन के लिए 26 अंक दिए हैं। वहीं स्कूल ने 50 अंक प्राप्त करने वाले 175 बच्चों को प्रतीक्षा सूची में रखा है। आईटीएल पब्लिक स्कूल ने 90-80 अंक पाने वाले 44 बच्चों को पहली सूची में जगह दी है। अब उन्हें 31 जनवरी तक दाखिला औपचारिकताएं पूरी करने के लिए कहा गया है। वहीं समर फील्ड स्कूल ने 75 अंक प्राप्त करने वाले बच्चों के लिए लॉटरी की जिसके आधार पर 169 बच्चों की सूची जारी की है। वहीं, 100 बच्चों को प्रतीक्षा सूची में रखा है।
दूसरी सूची तीन फरवरी को आएगी
पहली सूची व प्रतीक्षा सूची में नाम नहीं आने से अभिभावकों को अब दूसरी सूची से आस है। दूसरी सूची तीन फरवरी को जारी होगी। साथ ही प्रतीक्षा सूची को भी जारी किया जाएगा। सीटें खाली रहने पर 26 फरवरी को तीसरी सूची जारी की जा सकती है।