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Nuh News: 57% रिजल्ट के साथ फिर फिसड्डी नूंह, प्रदेश में सबसे नीचे रहा जिला
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पिछले वर्ष के मुकाबले हुआ थोड़ा सुधार, पर 60 अन्य जिलों से रेस में बहुत पीछे
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़े माने जाने वाले नूंह जिले की तस्वीर एक बार फिर 12वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजों में साफ दिखाई दी। मंगलवार को घोषित हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के परिणामों में नूंह जिला महज 57 प्रतिशत रिजल्ट के साथ पूरे प्रदेश में सबसे निचले पायदान पर रहा। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह रही कि प्रदेश के अन्य सभी जिले जहां 75 प्रतिशत से ऊपर के परिणाम दर्ज करने में सफल रहे, वहीं नूंह 60 प्रतिशत का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाया।
बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जिले से कुल 9,930 विद्यार्थियों ने 12वीं की परीक्षा दी थी। इनमें से 5,660 छात्र-छात्राएं पास हुए, जबकि 2,119 विद्यार्थियों की कम्पार्टमेंट आई और 2,151 छात्र फेल हो गए। हालांकि, पिछले वर्ष 2024-25 में जिले का परिणाम 45.76 प्रतिशत रहा था, जिसके मुकाबले इस बार सुधार जरूर दर्ज किया गया, लेकिन प्रदेश स्तर पर नूंह की स्थिति अब भी बेहद कमजोर बनी हुई है। इस बार परीक्षाओं को नकलमुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आया।
परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी गई और खुद डीसी व एसपी लगातार मॉनिटरिंग करते दिखाई दिए। प्रशासनिक सख्ती के चलते नकल पर काफी हद तक रोक लगी। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जिले में बुनियादी शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों की कमी, अभिभावकों की जागरूकता और संसाधनों की कमी जैसे मुद्दे अब भी बड़ी चुनौती बने हुए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने कहा कि उन्होंने दिसंबर में कार्यभार संभालने के बाद लगातार मेहनत की, जिसका असर परिणामों में सुधार के रूप में देखने को मिला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में जिले का रिजल्ट और बेहतर होगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़े माने जाने वाले नूंह जिले की तस्वीर एक बार फिर 12वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजों में साफ दिखाई दी। मंगलवार को घोषित हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के परिणामों में नूंह जिला महज 57 प्रतिशत रिजल्ट के साथ पूरे प्रदेश में सबसे निचले पायदान पर रहा। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह रही कि प्रदेश के अन्य सभी जिले जहां 75 प्रतिशत से ऊपर के परिणाम दर्ज करने में सफल रहे, वहीं नूंह 60 प्रतिशत का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाया।
बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जिले से कुल 9,930 विद्यार्थियों ने 12वीं की परीक्षा दी थी। इनमें से 5,660 छात्र-छात्राएं पास हुए, जबकि 2,119 विद्यार्थियों की कम्पार्टमेंट आई और 2,151 छात्र फेल हो गए। हालांकि, पिछले वर्ष 2024-25 में जिले का परिणाम 45.76 प्रतिशत रहा था, जिसके मुकाबले इस बार सुधार जरूर दर्ज किया गया, लेकिन प्रदेश स्तर पर नूंह की स्थिति अब भी बेहद कमजोर बनी हुई है। इस बार परीक्षाओं को नकलमुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आया।
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परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी गई और खुद डीसी व एसपी लगातार मॉनिटरिंग करते दिखाई दिए। प्रशासनिक सख्ती के चलते नकल पर काफी हद तक रोक लगी। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जिले में बुनियादी शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों की कमी, अभिभावकों की जागरूकता और संसाधनों की कमी जैसे मुद्दे अब भी बड़ी चुनौती बने हुए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने कहा कि उन्होंने दिसंबर में कार्यभार संभालने के बाद लगातार मेहनत की, जिसका असर परिणामों में सुधार के रूप में देखने को मिला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में जिले का रिजल्ट और बेहतर होगा।
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