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Nuh News: नगीना-तिजारा सड़क परियोजना को मिली नई रफ्तार
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भू-तकनीकी जांच रिपोर्ट लोक निर्माण विभाग को सौंपी
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। लंबे समय से अधर में लटकी नगीना-तिजारा (राजस्थान सीमा) सड़क परियोजना को एक बार फिर नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जगी है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी), कुरुक्षेत्र के सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा तैयार भूवैज्ञानिक एवं भू-तकनीकी जांच रिपोर्ट लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी बीएंडआर) नूंह को सौंप दी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अंतिम रूप देने और टेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ माना जा रहा है।
यह सड़क परियोजना वर्षों से क्षेत्र की प्रमुख मांग रही है। एक जून 2011 को तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मांडीखेड़ा की जनसभा में नगीना-तिजारा सड़क निर्माण की घोषणा की थी। सर्वे और डीपीआर तैयार होने के बावजूद भौगोलिक एवं तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए वर्ष 2017 में योजना रद्द कर दी गई।
भौगोलिक चुनौतियां व कोरोना काल बना सड़क निर्माण में अड़चन
बाद में काफी संघर्ष के बाद अरावली की पहाड़ियों के बीच से गुजरने वाले 4.35 किलोमीटर मार्ग के निर्माण के लिए बजट स्वीकृत हुआ और दिसंबर 2018 में कार्य शुरू हुआ, लेकिन भौगोलिक चुनौतियों और कोरोना काल के कारण निर्माण एजेंसी ने फरवरी 2020 में काम बीच में ही छोड़ दिया। इसके बाद मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तक पहुंचा।
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2024 में शुरू होकर फिर रुका काम
जुलाई 2024 में नए सिरे से टेंडर जारी कर निर्माण कंपनी को कार्य सौंपा गया, लेकिन निर्माण शुरू नहीं हो सका। कंपनी द्वारा क्षेत्र को तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण बताते हुए आपत्ति जताने पर पीडब्ल्यूडी ने एनआईटी कुरुक्षेत्र से भू-वैज्ञानिक एवं भू-तकनीकी जांच कराई। अब रिपोर्ट मिलने के बाद चंडीगढ़ में उच्च अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी हो चुकी है और परियोजना को दोबारा गति देने की तैयारी शुरू हो गई है। उम्मीद है जल्द काम शुरू कर दिया जाएगा।
आवागम में सुगमता व आर्थिक गतिविधियों में होगी वृद्धि
सड़क बनने से नगीना क्षेत्र के लोगों को तिजारा तथा राजस्थान के अन्य क्षेत्रों तक पहुंचने में कम समय लगेगा और दूरी भी घटेगी। तीन राज्यों को जोड़ने वाली इस सड़क से व्यापार, शिक्षा और आवागमन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट सौंपे जाने पर समाजसेवी रजत जैन, राजुद्दीन सहित क्षेत्र के ग्रामीणों ने खुशी जताते हुए सरकार से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की।
विभाग को रिपोर्ट प्राप्त हो गई है तथा वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इसकी समीक्षा भी की जा चुकी है। अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करके टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की दिशा में जल्द कार्रवाई की जाएगी। जिससे जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य का रास्ता साफ हो सके।
- प्रदीप सिंधु, कार्यकारी अभियंता लोक निर्माण विभाग नूंह
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संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। लंबे समय से अधर में लटकी नगीना-तिजारा (राजस्थान सीमा) सड़क परियोजना को एक बार फिर नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जगी है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी), कुरुक्षेत्र के सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा तैयार भूवैज्ञानिक एवं भू-तकनीकी जांच रिपोर्ट लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी बीएंडआर) नूंह को सौंप दी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अंतिम रूप देने और टेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ माना जा रहा है।
यह सड़क परियोजना वर्षों से क्षेत्र की प्रमुख मांग रही है। एक जून 2011 को तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मांडीखेड़ा की जनसभा में नगीना-तिजारा सड़क निर्माण की घोषणा की थी। सर्वे और डीपीआर तैयार होने के बावजूद भौगोलिक एवं तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए वर्ष 2017 में योजना रद्द कर दी गई।
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भौगोलिक चुनौतियां व कोरोना काल बना सड़क निर्माण में अड़चन
बाद में काफी संघर्ष के बाद अरावली की पहाड़ियों के बीच से गुजरने वाले 4.35 किलोमीटर मार्ग के निर्माण के लिए बजट स्वीकृत हुआ और दिसंबर 2018 में कार्य शुरू हुआ, लेकिन भौगोलिक चुनौतियों और कोरोना काल के कारण निर्माण एजेंसी ने फरवरी 2020 में काम बीच में ही छोड़ दिया। इसके बाद मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तक पहुंचा।
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2024 में शुरू होकर फिर रुका काम
जुलाई 2024 में नए सिरे से टेंडर जारी कर निर्माण कंपनी को कार्य सौंपा गया, लेकिन निर्माण शुरू नहीं हो सका। कंपनी द्वारा क्षेत्र को तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण बताते हुए आपत्ति जताने पर पीडब्ल्यूडी ने एनआईटी कुरुक्षेत्र से भू-वैज्ञानिक एवं भू-तकनीकी जांच कराई। अब रिपोर्ट मिलने के बाद चंडीगढ़ में उच्च अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी हो चुकी है और परियोजना को दोबारा गति देने की तैयारी शुरू हो गई है। उम्मीद है जल्द काम शुरू कर दिया जाएगा।
आवागम में सुगमता व आर्थिक गतिविधियों में होगी वृद्धि
सड़क बनने से नगीना क्षेत्र के लोगों को तिजारा तथा राजस्थान के अन्य क्षेत्रों तक पहुंचने में कम समय लगेगा और दूरी भी घटेगी। तीन राज्यों को जोड़ने वाली इस सड़क से व्यापार, शिक्षा और आवागमन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट सौंपे जाने पर समाजसेवी रजत जैन, राजुद्दीन सहित क्षेत्र के ग्रामीणों ने खुशी जताते हुए सरकार से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की।
विभाग को रिपोर्ट प्राप्त हो गई है तथा वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इसकी समीक्षा भी की जा चुकी है। अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करके टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की दिशा में जल्द कार्रवाई की जाएगी। जिससे जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य का रास्ता साफ हो सके।
- प्रदीप सिंधु, कार्यकारी अभियंता लोक निर्माण विभाग नूंह