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Nuh News: साढ़े नौ लाख रुपये के गबन के आरोप में घासेड़ा का पूर्व सरपंच गिरफ्तार
Mon, 01 Sep 2025 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नूंह
संवाद न्यूज एजेंसी, नूंह
Updated Mon, 01 Sep 2025 11:15 PM IST
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नूंह। गांधी ग्राम घासेड़ा के पूर्व सरपंच अशरफ को साढ़े नौ लाख रुपये के गबन के आरोप में नूंह सदर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार को अदालत में पेशी के बाद उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया। अशरफ कांग्रेस विधायक आफताब अहमद का करीबी बताया जाता है।
वर्तमान सरपंच इमरान खान की शिकायत पर दो नवंबर 2024 को सदर थाना नूंह में मामला दर्ज हुआ था। शिकायत के अनुसार, 20 सितंबर 2019 को तत्कालीन सरपंच अशरफ ने गांव की तकिया वाली जोहड़ को आठ साल के लिए गांव के ही उस्मान को साढ़े नौ लाख रुपये में पट्टे पर दिया। उसने उस्मान को अपने हस्ताक्षर की हुई रसीद भी दी। आरोप है कि यह रकम न तो पंचायत खाते में जमा की गई और न ही पंचायत रिकॉर्ड या बीडीपीओ कार्यालय में दर्ज करवाई गई।
पट्टाधारक उस्मान ने इस जोहड़ को दोबारा पट्टे पर देने से रोकने के लिए नूंह अदालत में स्टे की मांग की, जो खारिज हो गई। बाद में उसने जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील की। सात अगस्त 2024 को अदालत ने आदेश दिया कि यदि पूर्व सरपंच ने रकम का गबन किया है या रसीद फर्जी है तो ग्राम पंचायत उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा सकती है। इसके बाद सरपंच इमरान खान ने पुलिस को शिकायत दी। उन्होंने यह भी बताया कि 16 जून 2022 को भी अशरफ के खिलाफ फर्जकारी और अन्य धाराओं में केस दर्ज है।
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गिरफ्तारी से बचने के लिए अशरफ ने अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई थी, जिसे 30 जनवरी 2025 को सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार ने खारिज कर दिया था।
पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार ने बताया कि अशरफ को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
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वर्तमान सरपंच इमरान खान की शिकायत पर दो नवंबर 2024 को सदर थाना नूंह में मामला दर्ज हुआ था। शिकायत के अनुसार, 20 सितंबर 2019 को तत्कालीन सरपंच अशरफ ने गांव की तकिया वाली जोहड़ को आठ साल के लिए गांव के ही उस्मान को साढ़े नौ लाख रुपये में पट्टे पर दिया। उसने उस्मान को अपने हस्ताक्षर की हुई रसीद भी दी। आरोप है कि यह रकम न तो पंचायत खाते में जमा की गई और न ही पंचायत रिकॉर्ड या बीडीपीओ कार्यालय में दर्ज करवाई गई।
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पट्टाधारक उस्मान ने इस जोहड़ को दोबारा पट्टे पर देने से रोकने के लिए नूंह अदालत में स्टे की मांग की, जो खारिज हो गई। बाद में उसने जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील की। सात अगस्त 2024 को अदालत ने आदेश दिया कि यदि पूर्व सरपंच ने रकम का गबन किया है या रसीद फर्जी है तो ग्राम पंचायत उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा सकती है। इसके बाद सरपंच इमरान खान ने पुलिस को शिकायत दी। उन्होंने यह भी बताया कि 16 जून 2022 को भी अशरफ के खिलाफ फर्जकारी और अन्य धाराओं में केस दर्ज है।
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गिरफ्तारी से बचने के लिए अशरफ ने अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई थी, जिसे 30 जनवरी 2025 को सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार ने खारिज कर दिया था।
पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार ने बताया कि अशरफ को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।