दिल्ली में नीट पर बवाल: युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, पुलिस ने भांजीं लाठियां; NTA के दफ्तर में भी विरोध... FIR
पुलिस ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान एनटीए कार्यालय में घुसने पर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के खिलाफ आईपीसी की धारा 186/353/452/342/34 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
विस्तार
भारतीय युवा कांग्रेस ने नीट यूजी परीक्षा में कथित धांधली व अग्निवीर योजना के खिलाफ बृहस्पतिवार को जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने संसद घेराव की भी कोशिश की। प्रदर्शनकारी जैसे ही संसद की तरफ जंतर मंतर से आगे बढ़े, वैसे ही दिल्ली पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग कर रोकने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने इसका विरोध किया। पुलिस ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान एनटीए कार्यालय में घुसने पर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के खिलाफ आईपीसी की धारा 186/353/452/342/34 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
A case is registered under section 186/ 353/ 452/ 342/34 of IPC against NSUI workers for barging into the NTA office during a protest against the NEET issue: Delhi Police
— ANI (@ANI) June 27, 2024
इसमें से कई प्रदर्शनकारी बैरीकेट पर चढ़ गए। दूसरों ने इसे लांघने की कोशिश भी की। इससे पुलिस के साथ इनकी गुत्थमगुत्था हुई। हंगामा इस कदर बरपा कि पुलिस को लाठी चार्ज तक करना पड़ा। इस दौरान युवा कांग्रेस अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। बाद में पुलिस ने सभी को छोड़ दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि पुलिस व अर्ध सैनिक बल ने उन्हें लाठी-डंडों से पीटा है। इसमें कई लोग घायल हो गए।
#WATCH | Delhi | Members of NSUI today held a protest demonstration at National Testing Agency (NTA) office calling for a ban on the agency, in view of recent exam irregularities
(Video source: NSUI) pic.twitter.com/joto7jGiOF
— ANI (@ANI) June 27, 2024
इससे पहले बड़ी संख्या में भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता हाथों में बैनर व तख्तियां लेकर बृहस्पतिवार दोपहर जंतर मंतर पहुंचे थे। वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि नीट यूजी परीक्षा धांधली ने 24 लाख युवा छात्रों के भविष्य को अंधेरे की तरफ धकेल दिया है, जो की अत्यंत महत्वपूर्ण और चिंताजनक स्थिति है।
नरेंद्र मोदी की लीकेज सरकार के खिलाफ़ प्रदर्शन के दौरान IYC अध्यक्ष @srinivasiyc जी को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया!
ऐसा कोई कारागार नहीं जो हमारे जज़्बें को कैद कर सके!! ✊🏽 🇮🇳#IYCSansadGherao pic.twitter.com/EpGRVsSlXh
— Jharkhand Youth Congress (@IYCJharkhand) June 27, 2024
नीट पेपर लीक मामले में पहली गिरफ्तारी
नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने पहली गिरफ्तारी की है। सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए पटना से नीट पेपर लीक मामले के आरोपी मनीष प्रकाश और आशुतोष को गिरफ्तार किया है। फिलहाल सीबीआई उन दोनों से पूछताछ कर रही है।
देश के 24 लाख युवाओं से कर रही सरकार धोखा, भंग हो एनटीए
श्रीनिवास बीवी ने कहा कि नीट परीक्षा में धांधली सिर्फ 24 लाख छात्रों के साथ धोखा नहीं, बल्कि देश की स्वास्थ्य व्यवस्था और देश के भविष्य के साथ धोखा है। उनका आरोप था कि ऐसी कोई परीक्षा नहीं है, इस वक्त जिसमें धांधली न हो। चुनाव से पहले केंद्र सरकार परीक्षा पर चर्चा करते हैं, लेकिन चुनाव के बाद पेपर लीक और धांधली पर कोई बात नहीं होती है। एनटीए भंग होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एनटीए शक के घेरे में है, क्योंकि पेपर लीक की बात सामने आई थी। फिर परीक्षा में जो स्कोर संभव नहीं था, वे भी छात्रों को मिले। इसी प्रकार अग्निवीर योजना देश की सेना में भर्ती हो रहे जवानों के साथ एक मजाक है। उन्होंने कहा कि छात्रों को जब तक इंसाफ नहीं मिलता और जब तक अग्निवीर योजना बंद नहीं होती, तब तक लड़ाई जारी है।
हरियाणा के रोहतक से प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आए रोहित सेहरावत ने कहा कि उन्होंने नीट की परीक्षा दी थी, लेकिन यहां धांधली हो गई। उन्होंने कहा कि वह किसी पार्टी की तरफ से नहीं आए, बल्कि अपनी आवाज शिक्षा मंत्री तक पहुंचाने के लिए आए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में शिक्षा मंत्री से लेकर जिम्मेदार अधिकारियों को भी कड़ी सजा होनी चाहिए।
सरकार से छात्र कर रहे मांग
प्रदर्शनकारियों ने नीट-यूजी के लिए दोबारा परीक्षा लेने और परीक्षाओं के केंद्रीकरण को समाप्त करने की भी मांग की। जेएनयूएसयू ने पीएचडी में प्रवेश के लिए एनटीए की ओर से आयोजित परीक्षा को समाप्त करने की मांग की है। हालांकि, बीते दिन दोपहर में पुलिस ने जंतर-मंतर पर पहुंचकर छात्रों को हिरासत में ले लिया। उन्हें दूसरे स्थानों पर छोड़ दिया।
उन्होंने मांग करते हुए कहा कि एनटीए द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक घोटालों की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच हो। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री और यूजीसी चेयरमैन तुरंत इस्तीफा दें। एनटीए को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाए और एनटीए के अधिकारियों को बर्खास्त किया जाए।