नोटबंदी की चपेट में आए अप्रवासी भारतीय, उनके परिवारों पर भी नोट का संकट
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अप्रवासी भारतीयों के परिवारों पर भारत में ही नोट का संकट छा गया है। देश से बाहर काम धंधा कर भारत में परिवारों का पेट पालने वाले ऐसे भारतीयों के परिवार के सदस्य देश में ही बैंक अकाउंट से पैसा नहीं निकाल नहीं पा रहे हैं। बैंकों व एटीएम के बाहर भारी भीड़ इसकी वजह बताई जा रही है।
नोएडा के सेक्टर-12 निवासी चमन अब्बास कुवैत में कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं। उनकी पत्नी और एक बच्ची भारत में रहती है। चमन परिवार को वहीं से पैसे भेजते हैं, लेकिन यहां बैंक से पैसा निकालने में उनका परिवार चार दिन बाद भी सफल नहीं हो पाया है।
चमन के भाई गुलशन अब्बास का कहना है कि पैसे नहीं निकलने से बच्ची के दूध तक पर संकट छा गया है। इसी तरह से बिहार निवासी शाहनवाज सऊदी अरब में एक निजी कंपनी में काम करते हैं। वह समय-समय पर परिवार के लिए पैसा भेजते हैं।
विदेशी बैंक भी नहीं बदल रहे पैसे
इसके लिए वह परिवार के अकाउंट में नियमित तौर पर पैसा डालते रहते हैं, लेकिन 8 नवंबर से 500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद उनके परिवार के लोगों को तकलीफ हो रही है।
उन्हें सूचना मिल रही है कि बैंकों से पैसा निकालना बेहद मुश्किल हो रहा है। यही नहीं एटीएम से भी पैसा निकालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। ऐसे में उन्होंने अपने परिवार को कुछ दिन इंतजार करने को कहा है, ताकि हालात सुधरने के बाद वह पैसे निकालकर उसका उपयोग दूसरे काम में कर सकें।
इस बाबत सिंगापुर के एक प्राइवेट बैंक में काम करने वाले समीर कुमार ने भी इसे स्वीकार किया। उनका कहना है कि जैसी हालत सभी की है वैसी ही उनके भारत में रहने वाले परिवार की भी है। सभी हालात के सुधरने और बैंकों और एटीएम में कैश का इंतजार कर रहे हैं।
विदेशी बैंक भी नहीं बदल रहे पैसे
सऊदी अरब के निजी कंपनी में काम कर रहे शाहनवाज का कहना है कि यहां के बैंकों ने बाहर नोटिस चिपका दिया है। इसमें भारत के 500 और 1000 के नोट नहीं बदलने की बात लिखी गई है। उनके पास भी 10000 रुपये के बड़े नोट हैं। अब वह भारत आएंगे तो ही वहां के बैंक में जमा करेंगे।