अब कहां होगी ग्रेनो वेस्ट की रजिस्ट्री, फंसा पेंच
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ग्रेटर नोएडा वेस्ट और यीडा से आवंटित संपत्ति की रजिस्ट्री ग्रेटर नोएडा के सब रजिस्ट्रार कार्यालय में होती है। अब स्टांप विभाग की आईजी का पत्र आया है, जिसमें संपत्ति के कागजात में तहसील का जिक्र करने को कहा गया है और तहसील लिखते ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट की रजिस्ट्री दादरी में और यीडा के एरिया की संपत्ति जेवर में दर्ज होगी।
स्टांप विभाग की आईजी मिनिस्ती एस की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि जिस जगह की संपत्ति हो उसकी तहसील का नाम भी लिखा जाए। उदाहरण के तौर पर ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गांव दादरी तहसील में आते हैं तो वहां पर हर तरह की संपत्ति के कागजात में दादरी लिखा जाना चाहिए।
इसी तरह सदर व जेवर का भी जिक्र किया जाना चाहिए। इस आदेश से यह उलझन हो गई है कि ग्रेटर नोएडा के कुछ हिस्से सदर और कुछ दादरी में आते हैं। खासतौर पर ग्रेटर नोएडा वेस्ट तो दादरी तहसील में ही आता है। इसी तरह नोएडा के कुछ हिस्से भी दादरी व कुछ सदर में अधिसूचित हैं।
स्टांप अधिनियम 1908 की धारा 28 के तहत संपत्ति के विलेख में जिस उप जिले का नाम लिखा होगा, उसी से सब रजिस्ट्रार का क्षेत्राधिकार तय होगा। ऐसे में अगर विलेख में दादरी, सदर या जेवर लिखा जाता है तो उसकी रजिस्ट्री भी वहीं होनी चाहिए। संबंधित सब रजिस्ट्रार के क्षेत्राधिकार से इतर जो भी संपत्ति दर्ज हो रही हैं, वे गलत हैं। ऐसी रजिस्ट्री का कोई विधिक महत्व नहीं है।
मौजूदा समय में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से आवंटित संपत्ति सदर में, नोएडा प्राधिकरण की नोएडा के सेक्टर 33 में और यमुना प्राधिकरण से आवंटित संपत्ति की रजिस्ट्री ग्रेटर नोएडा के सब रजिस्ट्रार कार्यालय में होती है। पत्र में यह भी बताया गया है कि 18 जनवरी 2011 में भी इस तरह का आदेश पारित हुआ था, लेकिन उसका अनुपालन नहीं किया गया।
फैसला व्यावहारिक नहीं
जानकारों का मानना है कि इस तरह का फैसला व्यावहारिक नहीं है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में फ्लैट खरीदने वाला व्यक्ति दादरी में जाकर रजिस्ट्री नहीं करा सकता। उसे परेशानी होगी। इसी तरह यमुना प्राधिकरण की तरफ से आवंटित संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के लिए जेवर जाना टेढ़ी खीर होगा।
जानकारों का यह भी कहना है कि तीनों प्राधिकरणों के एक्ट में प्रावधान है कि इनकी तरफ से आवंटित संपत्ति की रजिस्ट्री नोएडा व ग्रेटर नोएडा के सबरजिस्ट्रार कार्यालय में ही होगी, क्योंकि प्राधिकरण के अधिग्रहीत करने के बाद ये संपत्तियां राजस्व ग्राम के बजाय सेक्टर में तब्दील हो जाती हैं।
प्राधिकरण से आवंटित संपत्ति में गांव, परगना या तहसील का जिक्र नहीं होता है। इनके कागजात प्राधिकरण ही तैयार करता है। अगर उनमें राजस्व ग्राम, परगना या तहसील का जिक्र होगा तो उसके अनुसार जिसका भी क्षेत्राधिकार बनेगा, वह सब रजिस्ट्रार रजिस्ट्री करेगा। - रमेंद्र श्रीवास्तव, सब रजिस्ट्रार ग्रेटर नोएडा
वैसे तो सभी सबरजिस्ट्रार अपने क्षेत्राधिकार के तहत ही रजिस्ट्री कर रहे हैं। अगर कहीं क्षेत्र से बाहर कोई रजिस्ट्री कर रहा है तो आईजी के आदेश को ध्यान में रखते हुए उसका पालन कराया जाएगा। - जीपी सिंह, उप महानिरीक्षक निबंधन, गौतमबुद्ध नगर