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गुमनामी पत्र पर भी विजिलेंस करेगा जांच, तर्क पर नहीं तथ्य पर होगी पड़ताल
मयंक तिवारी/अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Tue, 04 Apr 2017 01:12 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए विजिलेंस ने नई पहल की है। पहली बार प्रदेश भर के जिला मुख्यालय पर शिकायत बॉक्स लगाए जाएंगे। इसकी चाभी डीजी विजिलेंस के पास होगी। इतना ही नहीं इस बार गुमनाम शिकायतों पर भी विजिलेंस गौर करेगा। आरोप सही पाए जाएंगे, तो कार्रवाई होगी।
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विजिलेंस के डीजी बी. के. सिन्हा ने बताया कि विजिलेंस की ओर से भ्रष्टाचार रोकने की कवायद में प्रदेश सरकार की सहमति के बाद अहम फैसला लिया गया है। अब तक लोग विजिलेंस जिला मुख्यालय व विभाग के कार्यालय पर अपना नंबर लिख कर छोड़ देते थे। उसे सामने वाले की तुलना में खुद के लिए ज्यादा खतरा लगता है।
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अमर उजाला को उन्होंनेे बताया कि अप्रैल में ही प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय पर विजिलेंस का शिकायत बॉक्स होगा। जिसकी चाभी उनके पास होगी। विजिलेंस को अब तक की छानबीन में भ्रष्टाचार कम होने की बात सामने आई है, मगर वह इतनी शिकायत व जानकारी से संतुष्ट नहीं है। ऐसे में भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसने के लिए तर्क पर नहीं तथ्य पर आधारित जांच-पड़ताल होगी।
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उन्होंने बताया कि बाक्स में यदि गुमनामी शिकायत आती है और शिकायत करने वाले के तथ्य सही पाए जाते हैं, तो भ्रष्टाचारी पर शिकंजा कसा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के एजेंडे में भ्रष्टाचार मुक्त करने का संकल्प है। विजिलेंस की इस कवायद को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की विशेष अनुमति है।