'अब मोदी जी ने भी मान लिया, गवर्नेंस का मतलब है पढ़ाई-दवाई-रोजगार'
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उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, मोदी जी ने भी मान लिया है कि गवर्नेंस का मतलब, पढ़ाई-दवाई-रोजगार है?
अगर पढ़ाई-दवाई-रोजग़ार आपके लिए जुमला नहीं तो भाजपा शासित राज्यों में भी बजट का सबसे ज्यादा हिस्सा स्वास्थ्य और शिक्षा पर खर्च किया जाएगा?
सिसोदिया ने ट्वीटर पर ये सवाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तरफ से शनिवार को भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में पढ़ाई-दवाई और रोजगार पर ध्यान देने के बयान के बाद उठाए हैं।
मनीष सिसोदिया ने एक तरफ प्रधानमंत्री पर यह लिखकर कटाक्ष किया कि योजनाएं जमीन पर तब उतरेंगी जब, मोदी जी खुद तो पहले जमीं पर उतरें।
इसके साथ ही उपमुख्यमंत्री ने सवाल किया-क्या बीजेपी शासित राज्यों में भी मोहल्ला क्लीनिक, पॉली क्लीनिक खुलेंगे। लोगों को फ्री में इलाज मिलेगा?
'उम्मीद है कि पीएम अड़ंगा नहीं लगाएंगे'
क्या भाजपा शासित राज्यों के सरकारी स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों से बेहतर बनाया जाएगा? प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगेगी?
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को आशंका जताई थी कि प्रधानमंत्री दिल्ली के प्रोजेक्ट में अड़ंगा लगाना चाहते हैं। तो रविवार को उपमुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक का हवाला देकर लिखा, मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री जी दिल्ली में भी शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े मामलों में अड़ंगा नहीं लगाएंगे।
उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय की तरफ उपराज्यपाल और चुनी गई दिल्ली सरकार की शक्तियों को लेकर जो आदेश दिया है, उसके बाद से दिल्ली सरकार के कई आदेश अवैध घोषित हो चुके हैं।
उपराज्यपाल नजीब जंग ने तमाम फाइलें मंगाई हैं। ऐसे में आम आदमी पार्टी सरकार को आशंका है कि ऐसे फैसले जिन पर उपराज्यपाल की पूर्व अनुमति नहीं ली गई हैं, वो निरस्त कर दिए जाएंगे।