अब एंबुलेंस पहुंचने से पहले अस्पताल को मिलेगी मरीज की हालत की जानकारी
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कुल 110 एंबुलेंस में से 10 एंबुलेंस ऐसी होंगी, जिनमें वेंटिलेटर समेत अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी। खास बात यह है कि एंबुलेंस के पहुंचने से पहले ही पैरामेडिकल स्टाफ अस्पताल को मरीज की हालत की जानकारी भेज देगा।
केजरीवाल सरकार दिल्ली वासियों को अस्पतालों में विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाने के साथ-साथ अब अस्पताल तक पहुंचने के दौरान भी उच्चस्तरीय सुविधा उपलब्ध करवाने जा रही है।
उपमुख्यमंत्री करेंगे कैट्स एंबुलेंस समेत सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम का शुभारंभ
इसी के तहत शकरपुर डिस्पेंसरी में कैट्स एंबुलेंस के लिए आधुनिक सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इस कंट्रोल रूम में जैसे ही कोई फोन करेगा, जीपीएस से उसकी लोकेशन पता चल जाएगी।
फोन करने वाले को तुरंत कंट्रोल रूम की और से मोबाइल पर एंबुलेंस पहुंचने का मैसेज आएगा, जिसमें उसका नंबर भी उपलब्ध होगा। सभी एंबुलेंस में टेबलेट भी होगा, ताकि एंबुलेंस में सहायक कर्मी मरीज की फोटो समेत उसकी हालत की जानकारी अस्पताल प्रबंधन को मरीज के पहुंचने से पहले दे देंगे।
अस्पताल प्रबंधन को मरीज की हालत की जानकारी पहले से मिलने पर वे उसी तरह से तैयारी भी कर सकेंगे। खास बात यह है कि इस एंबुलेंस में काम करने वाले पैरामेडिकल स्टाफ को नेशनल स्किल डेवलेपमेंट काउंसिल की और से इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन-बेसिक की ट्रेनिंग भी दी गयी है।