{"_id":"5b55faa34f1c1bc6508b6763","slug":"now-commission-will-monitor-aiims-in-all-country","type":"story","status":"publish","title_hn":"केंद्र सरकार ने गठित की कमेटी, अब पूरे देश के एम्स में गड़बड़ियों पर नजर रखेगा आयोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केंद्र सरकार ने गठित की कमेटी, अब पूरे देश के एम्स में गड़बड़ियों पर नजर रखेगा आयोग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 23 Jul 2018 09:26 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली स्थित एम्स सहित नए बनने वाले सभी 20 एम्स के कामकाज को पारदर्शी बनाने के लिए सेंट्रल इंस्टीट्यूट बॉडी ऑफ एम्स का गठन किया गया है।
बीते सप्ताह हुई इसकी पहली बैठक में सभी एम्स की कार्यप्रणाली और निगरानी तंत्र के लिए मुख्य सर्तकता आयुक्त बनाने की चर्चा हुई। बताया जा रहा था कि पहले सिर्फ एक एम्स होने की वजह से केंद्र सरकार इसकी निगरानी करता था, लेकिन इसकी संख्या बढने की वजह से सेंट्रल बॉडी बनाने की जरूरत महसूस की गई।
जानकारी के अनुसार भ्रष्टाचार या गड़बडिय़ों की शिकायत सीवीओ से की जाती है। जो शिकायत की पड़ताल कर जरूरत पडने पर मामला आगे की जांच के लिए सीबीआई को भेज सकता है।
सीवीओ को हर शिकायत के बारे में केंद्रीय सतर्कता आयोग को भी रिपोर्ट देनी होगी। गौरतलब है कि दिल्ली एम्स में कई बार भ्रष्टाचार को लेकर मामले सामने आते रहे हैं।
विज्ञापन
पिछली सरकार ने देश में नए एम्स की स्थापना को लेकर घोषणा की थी, लेकिन एम्स बनने के बाद भी इन्हें सीवीओ से बाहर रखा गया था। केंद्र सरकार अब सभी एम्स को एक साथ लेकर चल रही है। ऐसे में भ्रष्टाचार और गड़बडिय़ों को लेकर भी उसने यह सिस्टम स्थापित करने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
बीते सप्ताह हुई इसकी पहली बैठक में सभी एम्स की कार्यप्रणाली और निगरानी तंत्र के लिए मुख्य सर्तकता आयुक्त बनाने की चर्चा हुई। बताया जा रहा था कि पहले सिर्फ एक एम्स होने की वजह से केंद्र सरकार इसकी निगरानी करता था, लेकिन इसकी संख्या बढने की वजह से सेंट्रल बॉडी बनाने की जरूरत महसूस की गई।
जानकारी के अनुसार भ्रष्टाचार या गड़बडिय़ों की शिकायत सीवीओ से की जाती है। जो शिकायत की पड़ताल कर जरूरत पडने पर मामला आगे की जांच के लिए सीबीआई को भेज सकता है।
विज्ञापन
सीवीओ को हर शिकायत के बारे में केंद्रीय सतर्कता आयोग को भी रिपोर्ट देनी होगी। गौरतलब है कि दिल्ली एम्स में कई बार भ्रष्टाचार को लेकर मामले सामने आते रहे हैं।
विज्ञापन
पिछली सरकार ने देश में नए एम्स की स्थापना को लेकर घोषणा की थी, लेकिन एम्स बनने के बाद भी इन्हें सीवीओ से बाहर रखा गया था। केंद्र सरकार अब सभी एम्स को एक साथ लेकर चल रही है। ऐसे में भ्रष्टाचार और गड़बडिय़ों को लेकर भी उसने यह सिस्टम स्थापित करने का निर्णय लिया है।