फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   notice to delhi police on minor accused ple of Mercedes hit and run case

मर्सिडीज हिट एंड रन केस में नाबालिग आरोपी की याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस

Sat, 11 Jun 2016 09:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 11 Jun 2016 09:48 AM IST
विज्ञापन
notice to delhi police on minor accused ple of Mercedes hit and run case

मर्सिडीज हिट एंड रन मामले में नाबालिग आरोपी की याचिका पर सत्र अदालत ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले में आरोपी ने जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी) के फैसले को चुनौती दी है। अदालत ने याचिका पर सुनवाई के लिए दो जुलाई की तारीख तय की है।

विज्ञापन


तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विमल कुमार यादव ने नाबालिग आरोपी की याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर दो जुलाई तक जवाब मांगा है। जेजेबी ने आरोपी पर व्यस्क की तरह सत्र अदालत में मुकदमा चलाने की अनुमति दी थी। नाबालिग आरोपी ने याचिका में कहा है कि जेजेबी ने गलत आधार पर अपना फैसला सुनाया है।
विज्ञापन


जुवेनाइल जस्टिस एक्ट में हुए संशोधन के मद्देनजर नाबालिग आरोपी पर व्यस्क की तरह सत्र अदालत में मुकदमा चलाने की अनुमति अभियोजन पक्ष को दी थी। अभियोजन पक्ष ने आरोपी के अपराध को जघन्य बताते हुए उस पर व्यस्क की तरह सत्र अदालत में मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

मामला लापरवाही से जान लेने का

notice to delhi police on minor accused ple of Mercedes hit and run case

नाबालिग के लिए याचिका दायर करने वाले अधिवक्ता राजीव मोहन के मुताबिक, जेजेबी ने गलत आधार पर चार अप्रैल को अपना फैसला सुनाया था। यह फैसला रद्द होना चाहिए। यह मामला लापरवाही से जान लेने का है, लेकिन इसे गैर इरादतन हत्या की धारा में तब्दील कर दिया गया। इस धारा में दोषी साबित होने पर अधिकतम 10 साल तक की सजा का प्रावधान है, लेकिन न्यूनतम सजा का कोई प्रावधान नहीं है।

याची का कहना है कि जेजेबी कानून में हुए बदलाव के मुताबिक किसी नाबालिग पर किसी वयस्क की तरह मुकदमा तब ही चल सकता है जब उसने ऐसा अपराध किया हो। उसमें न्यूनतम सजा सात साल से कम न हो। वहीं पुलिस ने जो धारा लगाई है, उसमें न्यूनतम सजा का कोई प्रावधान नहीं है।

बचाव पक्ष का यह भी आरोप है कि पुलिस ने जेजेबी में चार्जशीट दाखिल की थी, लेकिन इसकी कॉपी उन्हें नहीं दी गई। पुलिस ने किन तथ्यों के आधार पर अपराध की धारा बदली, इसका कारण उन्हें पता नहीं चला। धारा बदलने का कारण जाने बिना ही उन्हें जेजेबी के समक्ष बहस करनी पड़ी।

दोषी साबित होने पर 10 साल तक सजा का प्रावधान

notice to delhi police on minor accused ple of Mercedes hit and run case

दूसरी ओर अभियोजन पक्ष का कहना है कि गैर इरादतन हत्या की धारा में दोषी साबित होने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। यह जज के विवेक पर है कि वह किसी दोषी को 10 साल तक की सजा सुना सकता है।

अभी नहीं कहा जा सकता कि अदालत इस आरोपी को सात साल या उससे अधिक की सजा नहीं सुना सकती। जेजेबी ने अपने फैसले में कहा था कि घटना के समय आरोपी इस घटना की परिणाम को समझने के लिए शारीरिक व मानसिक रूप से परिपक्व था। इसलिये उस पर व्यस्क की तरह चिल्ड्रन कोर्ट में मुकदमा चलाने की अनुमति दी जाती है।

पेश मामले में सिविल लाइन इलाके में तेज रफ्तार मर्सिडीज चलाते हुए नाबालिग आरोपी ने चार अप्रैल, 2016 को मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव सिद्धार्थ शर्मा (32) को टक्कर मार दी थी। इसमें सिद्धार्थ की मौत हो गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed