Celebi Aviation: राष्ट्रीय सुरक्षा की स्थितियों में सेलेबी को नहीं दे सकते नोटिस, HC में केंद्र सरकार का जवाब
तुषार मेहता ने कहा कि इन कंपनियों के पास महत्वपूर्ण एयरपोर्ट और यात्री डेटा तक पहुंच है। कंप्यूटर डेटा है जिसमें वीआईपी विवरण भी शामिल है, कौन सा विमान उतर रहा है आदि। उनके पास इन सभी विवरणों तक पूरी पहुंच है।
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भारत पाकिस्तान तनाव के बीच तुर्किए की कंपनी सेलेबी के सुरक्षा मंजूरी रद्द किए जाने के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत में केंद्र सरकार ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के कारण वह सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया को सुरक्षा मंजूरी रद्द करने या सुनवाई का अवसर देने का नोटिस नहीं दे सकती थी। केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति सचिन दत्ता से कहा जब सुरक्षा का सवाल होता है, तो या तो हम कार्रवाई करते हैं या नहीं करते। यह राष्ट्र की सुरक्षा करते हुए विशुद्ध व्यक्तिपरक कार्रवाई के बारे में है।
मेहता ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में अधीक्षण की पूर्ण शक्ति का प्रयोग किया जा सकता है। विशेष रूप से, उन्होंने भारतीय वायुयान अधिनियम की धारा 5 का उल्लेख किया, जो नागरिक विमानन सुरक्षा से संबंधित मामलों के संबंध में विनियामक और निरीक्षण कार्यों को करने की शक्ति नागरिक विमानन सुरक्षा ब्यूरो को प्रदान करती है।
मेहता ने कहा कि इन कंपनियों के पास महत्वपूर्ण एयरपोर्ट और यात्री डेटा तक पहुंच है। कंप्यूटर डेटा है जिसमें वीआईपी विवरण भी शामिल है, कौन सा विमान उतर रहा है आदि। उनके पास इन सभी विवरणों तक पूरी पहुंच है। सेलेबी के इस तर्क पर कि सुरक्षा मंजूरी रद्द करने से पहले सुनवाई का कोई अवसर नहीं दिया गया, मेहता ने कहा कि कभी-कभी ऐसा करने से कदम का उद्देश्य विफल हो सकता है। इस मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार दोपहर को होगी।
न्यायमूर्ति दत्ता ने सेलेबी की तरफ से पेश मुकुल रोहतगी से पूछा कि क्या कानूनन उन्हें सामग्री प्रदान करना अनिवार्य है। रोहतगी ने जवाब दिया कि वह कारणों की प्रति नहीं मांग रहे, बल्कि उचित सुनवाई का अवसर और नोटिस की मांग कर रहे हैं। केंद्र की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने भी प्रतिनिधित्व किया।