गजेंद्र की लिखावट से मैच घटनास्थल से मिला नोट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जंतर-मंतर पर आप की रैली के दौरान पेड़ पर चढ़ने के समय राजस्थान के किसान गजेंद्र सिंह के पास जो नोट मिला था उससे गजेंद्र की लिखावट का मिलान हो गया है।
पुलिस इसी के आधार पर इसे खुदकुशी का नोट मान रही है। शुरूआत में दिल्ली पुलिस ने लापरवाही से हुई मौत का मामला दर्ज किया था।
गजेंद्र के पास से जो लिखा हुआ नोट मिला था इसकी हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक नोट उसने ही लिखा था। अपराध शाखा ने दौसा, राजस्थान में उसका जो बैंक खाता है उसमें से हैंडराइटिंग के नमूने लिए थे।
पुलिस नोट को सुइसाइड नोट मान रही है
लिखावट का मिलान होने के बाद पुलिस नोट को सुइसाइड नोट मान रही है। इसमें गजेंद्र ने तीन-चार लाइनें लिखी हुई थी जिससे लग रहा है कि वह परेशान था। पुलिस इस मामले में अब तक 100 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज कर चुकी है।
अब पुलिस आप नेताओं से पूछताछ कर रही है। पुलिस ये जानना चाहती है कि क्या गजेंद्र किसी आप नेता को जानता था। उसे आप की रैली में बुलाया गया था या फिर वह खुद आया था।
पुलिस इस कोण भी जांच कर रही है कि उसको पेड़ पर चढ़ने के लिए उकसाने वाले लोग कौन-कौन थे। ऐसे लोगों के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया जा सकता है।
साथ ही अपराध शाखा इस बात की जांच कर रही है कि गजेंद्र ने उस दिन शराब कहां पी थी। टीम ने गोल मार्केट में रहने वाले गजेंद्र के रिश्तेदार समेत एक दर्जन से ज्यादा लोगों से इस मामले में पूछताछ की है।
जानबूझकर परेशान कर रही मोदी पुलिस : संजय सिंह
जंतर-मंतर पर पिछले साल भूमि अधिग्रहण बिल के विरोध में खुदकुशी करने वाले राजस्थान के किसान गजेंद्र सिंह की मौत के मामले में बृहस्पतिवार को आप के वरिष्ठ नेता संजय सिंह और नीरज कुमार से दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने करीब दो घंटे पूछताछ की।
मामले के करीब दस माह बाद पुलिस की पूछताछ पर आप नेताओं ने सवाल उठाते हुए दिल्ली को मोदी पुलिस कहकर जानबूझकर परेशान करने का आरोप लगाया। बता दें कि बुधवार को संजय, नीरज, कुमार विश्वास और आशीष खेतान को पूछताछ के लिए दिल्ली पुलिस ने नोटिस दिया था।
आशीष खेतान और कुमार विश्वास नोटिस न मिलने की बात कर पूछताछ में शामिल नहीं हुए। दोपहर करीब एक बजे आप नेता संजय सिंह और नीरज कुमार आरकेपुरम स्थित अपराध शाखा के कार्यालय पहुंचे।
इनके साथ सोमनाथ भारती और सौरभ भारद्वाज भी मौजूद रहे। दरअसल अपराध शाखा को पार्टी के उन नेताओं व कार्यकर्ताओं की तलाश है जो जंतर-मंतर पर बने मंच के पास गजेंद्र को पेड़ पर चढ़ने और फांसी लगाने के लिए उकसा रहे थे। दिल्ली पुलिस का कहना है कि आप पार्टी के कुछ लोगों के उकसाने पर ही गजेंद्र ने फांसी लगाकर जान दी।
दिल्ली पुलिस पूछताछ कर क्या साबित करना चाहती है
सूत्रों की मानें तो संजय व नीरज से रैली वाले दिन उनकी भूमिका के बारे
में पूछताछ की गई। रैली के संचालक रहे नीरज कुमार ने बताया कि उनसे रैली
में लोगों की संख्या और कौन-कौन लोगों की उपस्थिति के बारे में पूछताछ की
गई।
पूछताछ के बाद संजय सिंह ने मीडिया को बताया कि मामले को 10 माह
बीत जाने के बाद पता नहीं दिल्ली पुलिस पूछताछ कर क्या साबित करना चाहती
है।
उन्होंने दिल्ली पुलिस को मोदी पुलिस बताते हुए जानबूझकर परेशान
करने का आरोप लगाया। संजय सिंह ने कहा कि जब भी पुलिस उन्हें पूछताछ के
लिए बुलाएगी वह जांच में सहयोग करेंगे। कुमार विश्वास और आशीष खेतान के
बारे में पूछने पर बताया कि उन्हें नोटिस नहीं मिला है।