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Delhi NCR News: हर सिरदर्द माइग्रेन नहीं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 19 Oct 2026 06:15 PM IST
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- टेंपोरोमैंडिबुलर जॉइंट की समस्या से सिरदर्द, जबड़े में जकड़न और चबाने में होती है परेशानी
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-हर आठ में से एक व्यक्ति माइग्रेन का शिकार है
- तेज दर्द, उल्टी, तेज आवाज से परेशानी जैसे लक्षण हो सकते हैं





अंकुर त्रिपाठी
ग्रेटर नोएडा। सिरदर्द होने पर ज्यादातर लोग माइग्रेन समझकर दर्द की दवा लेने लगते हैं, लेकिन हर बार सिरदर्द की वजह माइग्रेन नहीं होती। जबड़े के जोड़ में गड़बड़ी भी सिरदर्द, चेहरे में भारीपन और कान के आसपास दर्द का कारण बन सकती है। इस समस्या को नजरअंदाज करने से परेशानी बढ़ सकती है।
राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) के दंत विभाग के प्रमुख डॉ. संदीप पांडेय ने बताया कि टेंपोरोमैंडिबुलर जॉइंट (टीएमजे) जबड़े को खोपड़ी से जोड़ता है। इस जोड़ में गड़बड़ी होने पर जबड़े में जकड़न, खाना चबाने में दिक्कत, मुंह खोलने में परेशानी और कभी-कभी कान के आसपास दर्द हो सकता है। इसके कारण सिरदर्द भी महसूस हो सकता है, जिसे कई बार लोग माइग्रेन समझ लेते हैं।
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उन्होंने बताया कि हर आठ में से एक व्यक्ति माइग्रेन का शिकार है। माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है। इसमें सिर के एक तरफ तेज दर्द, उल्टी या मिचली, रोशनी और तेज आवाज से परेशानी जैसे लक्षण हो सकते हैं। वहीं, टीएमजे की समस्या में जबड़े की गतिविधियों के दौरान दर्द बढ़ना, चबाने में परेशानी और चेहरे की मांसपेशियों में खिंचाव जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। दोनों समस्याओं के कुछ लक्षण मिलते-जुलते होने के कारण सही जांच जरूरी है। कई मरीज लंबे समय तक सिरदर्द की दवाएं लेते रहते हैं, लेकिन दर्द की वास्तविक वजह पर ध्यान नहीं देते। ऐसे में समस्या की पहचान कराना और उचित उपचार लेना जरूरी है।
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तनाव में बढ़ती है परेशानी
मानसिक तनाव, नींद की कमी और अनियमित दिनचर्या सिरदर्द की समस्या को बढ़ा सकती है। जबड़े को लगातार कसकर रखना या दांत पीसने की आदत भी कुछ लोगों में टीएमजे से जुड़ी परेशानी बढ़ा सकती है। बार-बार सिरदर्द होने, जबड़े में दर्द या मुंह खोलने में दिक्कत होने पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। खुद से बार-बार दर्द निवारक दवाएं लेने से बचना चाहिए।



दिल्ली-एनसीआर में समस्या आम
दिल्ली एनसीआर में किए गए एक जनसंख्या-आधारित अध्ययन के अनुसार माइग्रेन की एक साल की समायोजित व्यापकता 26.3 प्रतिशत आंकी गई। वहीं, वर्ष 2023 के वैश्विक अनुमान में माइग्रेन की व्यापकता 14.1 प्रतिशत रही। ये आंकड़े सिरदर्द की समस्या के व्यापक प्रभाव को दर्शाते हैं। बार-बार सिरदर्द होने पर उसकी वजह की पहचान करना जरूरी है, क्योंकि माइग्रेन के अलावा जबड़े के जोड़ और मांसपेशियों से जुड़ी परेशानी भी दर्द का कारण हो सकती है।
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