'चुनाव के पक्ष में नहीं दिल्ली का एक भी विधायक'
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महज 10 दिन पहले भाजपा ने कहा था कि वो दिल्ली में सरकार बनाने के पक्ष में नहीं बल्कि नए चुनाव का सामना करेगी। लेकिन अब भाजपा के ही वरिष्ठ नेता जगदीश मुखी कह रहे हैं राज्य का एक भी विधायक दिल्ली में विधान सभा चुनाव के पक्ष में नहीं है।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, दिल्ली में मुख्यमंत्री पद के सबसे बड़े दावेदारो में से एक जगदीश मुखी ने कहा है कि पिछले दिसंबर में हुए विधानसभा चुनाव और इस साल लोकसभा चुनाव के बाद दिल्ली इतने कम समय में तीसरे चुनाव का खर्च नहीं उठा पाएगी।
चुनाव के बोझ के लिए तैयार नहीं है दिल्ली
मुखी ने कहा, ' राज्य के 70 विधायकों में से एक भी विधायक चाहे वो किसी भी पार्टी का हो नए चुनाव के पक्ष्ा में नहीं है।
उन्होंने कहा कि सितंबर के बाद कोई भी विधायक विकास कार्यों पर एक पैसा भी खर्च नहीं कर पाएगा। हमने जो भी एस्टीमेट बनाया था वो सब बेकार गया।
मुखी के मुताबिक, जिन प्रोजेक्टों को हमने पास किया था उन्हें आवंटन पत्र नहीं दिया गया और जिन्हें आवटंन पत्र दिया गया उन पर काम शुरू नहीं हो पाया। इन सबके बाद दिल्ली एक और चुनाव का बोझ उठाने के लिए तैयार नहीं है।
'केजरीवाल कंफ्यूज आदमी हैं'
जगदीश मुखी का ये बयान उस समय आया है जब आम आदमी पार्टी लगातार ये पूछ रही रही है कि भाजपा दिल्ली में चुनाव क्यों नहीं चाहती? मुखी से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने आप और अरविंद केजरीवाल को दिल्ली की इस हालत का कारण बताया।
मुखी कहते हैं कि राजनीतिक पार्टियां चुनाव लड़ती हैं सत्ता में आने के लिए ताकि वो लोगों के लिए काम कर सकें। लेकिन, अरविंद केजरीवाल ने सत्ता में आने के बाद महसूस किया कि सरकार चलाने के बारे में कुछ नहीं जानते।
उन्होंने कहा कि ये केजरीवाल ही हैं जिन्होंने दिल्ली को सरकार विहीन कर दिया। इसके बाद उन्हें किसी भी पार्टी से कुछ भी पूछने का नैतिक अधिकार नहीं है। कभी वो चाहते हैं कि सदन स्थगित हो जाए और कभी वो चाहते हैं कि चुनाव हों। केजरीवाल कंफ्यूज हैं।
'सराकार बनाने की वैधानिक जिम्मेदारी एलजी की'
जब मुखी से पूछा गया कि दिल्ली में चल रहा राष्ट्रपति शासन बेहतर है या ताजा चुनाव अगर बीजेपी सरकार न बना पाए तो उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व जल्द ही इस मसले पर फैसला लेगा।
उन्होंने आगे कहा कि जहां तक वो जानता हैं ये फैसला एक हफ्ते के अंदर या 9 अगस्त के बाद आ सकता है।
साथ ही साथ मुखी ने सरकार बनाने की बात को एलजी पर थोपते हुए कहा कि ये उनका वैधानिक दायित्तव है कि दिल्ली को सरकार मिले। एजली को सभी पार्टियों को या किसी एक पार्टी को सरकार बनाने के लिए न्यौता देना चाहिए।
'कांग्रेस और आप हैं साथ-साथ'
मुखी से जब पूछा गया कि क्या वो अपने आप को मुख्यमंत्री पद का दावेदार मानते हैं तो उन्होंने बस इतना कहा कि वो पार्टी के कार्यकर्ता हैं और उसके सभी आदेशों को मानेंगे।
कांग्रेस और आप पर साथ-साथ होने का आरोप लगाते हुए मुखी ने सवाल दागा कि अब क्यों नहीं आप दूसरे राज्यों से चुनाव लड़ रही है? आप क्यों केवल दिल्ली में चुनाव लड़ना चाहती है? कांग्रेस ने आप को पूरे देश से चुनाव लड़ने को कहा था ताकि वो बीजेपी को ध्वस्त कर सके पर दोनों ही असफल रहे।
जब जगदीश मुखी से पूछा गया कि अगर ताजा चुनाव हुए तो क्या आप भाजपा के वोटबैंक को प्रभावित करेगी तब इस पर मुखी ने जवाब दिया कि हमारा वोटबैंक मजबूत है। आप कांग्रेस को प्रभावित करेगी हमें नहीं।