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डासना में नहीं मिल रही पर्याप्त जमीन, नॉर्दर्न पेरिफेरल रोड की घटेगी लंबाई
Mon, 23 Dec 2019 03:39 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 23 Dec 2019 03:39 AM IST
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एनएच-9 को दिल्ली-मेरठ से जोड़ने के प्रस्तावित नॉर्दर्न पेरिफेरल रोड की लंबाई चार किमी घट सकती है। एनपीआर के लिए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे की ओर डासना पर प्रस्तावित आरओबी के उतरने के बाद एनएच-9 से जोड़ने के लिए जमीन नहीं मिलने को मुख्य कारण माना जा रहा है। ऐसे में जीडीए की ओर से एनपीआर के अलाइनमेंट में बदलाव किया जा सकता है। जीडीए की ओर से अब रोड को ईस्टर्न पेरिफेरल तक एनपीआर को बनाने पर मंथन किया जा रहा है।
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जीडीए की ओर से एनएच-9 पर डासना से लोनी तक तीन चरणों में नॉर्दर्न पेरिफेरल रोड के निर्माण का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। तीन चरणों में पूरे होने वाले इस प्रोजेक्ट पर करीब 466.46 करोड़ खर्च होने हैं। इसका प्रस्ताव जीडीए की ओर से शासन को भेजा जा चुका है। जीडीए अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली-मेरठ हाईवे पर दुहाई से डासना तक प्रस्तावित एनपीआर के मार्ग का पहले चरण में निर्माण प्रस्तावित है। एनएचएआई की ओर से एनएच-9 का चौड़ीकरण और दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे पर डासना से मेरठ तक के चौथे चरण का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
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एनएच-9 पर जिस स्थान पर एनपीआर को उतारा जाना था, चौड़ीकरण के चलते अब वह रोड केवल 18 मीटर रह गई है। ऐसे में 45 मीटर चौड़ी एनपीआर रोड एनएच-9 पर आकर 18 मीटर रह गई है। ऐसे में रोड की कम चौड़ाई होने से नया जाम प्वॉइंट बनने की परेशानी खड़ी हो गई है। दूसरी ओर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के लिए आरओबी का निर्माण वर्तमान में तेज गति से जारी है। एनपीआर के आरओबी के निर्माण में परेशानी खड़ी हो सकती है। ऐसे में सर्वे कर प्राधिकरण अभियंताओं ने एनपीआर को करीब चार किमी पहले ईस्टर्न पेरिफेरल के पास उतारने का सुझाव दिया गया है।
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रूट होगा छोटा, घटेगी एनपीआर की लागत
एनपीआर के तय रूट को छोटा करने के बाद प्रोजेक्ट की लागत में कमी आ सकती है। अभी 9.90 किमी लंबी एनपीआर रोड ओर 6.40 किमी लंबी आउटर रिंग रोड का तीन चरणों में निर्माण होना है। एनएच-9 से दिल्ली-मेरठ रोड तक 6.40 किमी एनपीआर के निर्माण पर 223.92 करोड़ और दिल्ली-मेरठ रोड से लोनी की ओर 3.5 किमी एनपीआर रोड व 6.26 किमी लंबी राजनगर एक्सटेंशन आउटर रिंग रोड पर 242.54 करोड़ खर्च किए जाने हैं। ऐसे में आरओबी की 50 करोड़ निर्माण लागत और चार किमी रोड के निर्माण पर करीब 70 करोड़ घटने से प्रोजेक्ट की कुल लागत में बड़ी कमी आएगी।
एनपीआर से जुड़नी है राजनगर एक्सटेंशन जोनल रोड
एनपीआर से राजनगर एक्सटेंशन की जोनल रोड (आउटर रिंग रोड) को जोड़ने का खाका खींचा गया है। इस जोनल रोड पर करीब 42 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। इससे राजनगर एक्सटेंशन से जोनल रोड और एनपीआर से सीधे दुहाई तक पहुंचा जा सकेगा। जोनल रोड अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की साइट तक पहुंच को आसान बनाएगी।
डासना के पास एनपीआर की 45 मीटर रोड को उतारने के लिए पर्याप्त जमीन नहीं मिल पा रही है। ऐेसे में यहां नया जाम प्वॉइंट बनने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में एनपीआर की लंबाई घटाने पर मंथन किया जा रहा है। - संतोष कुमार राय, सचिव, जीडीए