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उत्तरी निगम ने 100 फैक्ट्रियों को किया सील, प्रदूषण के चलते उठाया कड़ा कदम
Thu, 17 Jan 2019 04:56 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Thu, 17 Jan 2019 04:56 AM IST
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कंपनी सील करते हुए कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
राजधानी में प्रदूषण के मौजूदा स्तर को देखते हुए उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने प्लास्टिक कचरा पैदा करने वाली 100 फैक्ट्रियों पर सीलिंग की कार्रवाई की है। इस दौरान टीम ने 983 बीघा जमीन से करीब 9000 टन प्लास्टिक कचरा साफ कर इस क्षेत्र को प्रदूषण मुक्त कर दिया है। इस कचरे को प्रसंस्करण के लिए वेस्ट टू एनर्जी के लिए भेज दिया गया है।
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निगम की टीम ने टिकरी कलां, मुंडका, हिरनकुदना, नीलवाल, नांगलोई, कमरुद्दीन नगर, सवेधा, निलोठी, घेवरा और मदनपुर डबास के गांवों में सीलिंग की कार्रवाई की। इन क्षेत्रों में प्लास्टिक के कचरे का व्यापार करने सहित उत्पादन भी किया जा रहा था। उत्तरी निगम की ओर से इन फैक्ट्रियों को पहले भी नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन आदेश की अनदेखी होने पर सीलिंग की कार्रवाई की गई।
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कार्रवाई के बाद इकट्ठा किए गए प्लास्टिक कचरा को प्रसंस्करण के लिए नरेला-बवाना के वेस्ट टू एनर्जी प्लांट में भेज दिया गया। नियमों की अनदेखी करने वाली फैक्ट्रियों को पहले भी नोटिस दिए गए थे। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी का सिलसिला नहीं थमने पर बुधवार को कार्रवाई की गई। निगम ने क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों, प्लास्टिक का कारोबार करने वालों के अलावा फैक्ट्रियों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व अन्य एजेंसियों के तय मानकों के अनुरूप कार्य करने की हिदायत दी है। पर्यावरण और वातावरण को बेहतर बनाए रखने के लिए सभी फैक्ट्रियों को नियमित तौर पर कचरे का निस्तारण करने की सलाह दी है।
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