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उतर पूर्वी दिल्ली दंगाः हत्याओं के मामले में सात आरोप पत्र दाखिल
Wed, 17 Jun 2020 05:43 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 17 Jun 2020 05:43 AM IST
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कड़कड़डूमा कोर्ट जाते पुलिस अधिकारी
- फोटो : एएनआई
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने उतर पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में मंगलवार को कड़कड़डूमा कोर्ट में 7 और आरोपपत्र दायर किए। इन आरोप पत्रों में पुलिस ने 39 लोगों को आरोपी बनाया है। इन आरोपियों के खिलाफ दंगा व दंगों के दौरान हत्या, आगजनी, लूटपाट, हत्या के प्रयास, मारपीट, सार्वजनिक व आम लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने आदि धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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इन आरोप पत्रों में पुलिस ने दंगे भड़काने के लिए पिंजरा तोड़ संगठन की सदस्यों पर भी आरोप लगाए हैं। आरोप पत्रों के मुताबिक कड़कड़डूमा कोर्ट में दायर किए गए 7 आरोप पत्रों में से छह मामले करावल नगर व एक मामला खजूरी खास थाना क्षेत्र का है।
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पुलिस ने आरोप पत्र में कहा कि करावल नगर में दगों से जुड़े 6 मामलों में पांच लोगों को आरोपी बनाया गया। इनमें करावल नगर इलाके में आफताब हत्याकांड में शामिल 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। करावल नगर में सलमान की हत्या के आरोप में भी 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। करावल नगर में वीरभान की हत्या मामले में 4 आरोपी, दिनेश की हत्या मामले में 4, खजूरी खास इलाके में बाबू की हत्या मामले में 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
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करावल नगर इलाके में अनवर मर्डर केस में पुलिस ने 5 लोगों को आरोपी बनाया है और करावल नगर इलाके में आलोक तिवारी मर्डर केस में क्राइम ब्रांच ने 4 लोगों को मुख्य आरोपी बनाया है।
पुलिस ने आरोप पत्रों में कहा कि ये सभी दंगे उतर पूर्वी जिले के अलग-अलग इलाकों में 24-25 फरवरी को हुए थे। आरोप पत्र में कहा गया है कि जेएनयू, जामिया व डीयू छात्राओं की अवैध संस्था पिंजरा तोड़ की छात्राओं के भड़काऊ भाषण से दंगे हुए थे। इसकी साजिश अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दिल्ली आने के चंद दिन पूर्व रची गई थी ताकि उनकी नजरों में देश की छवि खराब हो सके।
पुलिस ने आरोप लगाया कि दंगों को बड़ा रूप देने के लिए वामपंथी ताकतों ने देशद्रोह के आरोपी जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद व इंडिया अंगेस्ट हेट के संस्थापक खालिद सैफी ने आम आदमी पार्टी के निलंबित निगम पार्षद ताहिर हुसैन, राजधानी पब्लिक स्कूल के मालिक व उतर-पूर्वी जिले के बड़े मुस्लिम नेताओं के साथ मिलकर साजिश रची।
पुलिस ने कहा कि दंगे होने की जानकारी उतर-पूर्वी जिले में रहने वाले अधिकतर मुस्लिम समुदाय के लोगों को पहले दे दी गई थी। उन्हें साफ-साफ कहा गया था कि वे तैयारी कर लें। पिंजरा तोड़ संगठन से जुड़ीं छात्राओं ने मुस्लिम महिलाओं को दंगे से पहले घर में किस तरह की तैयारी की जाए वाट्सएप ग्रुप के जरिये जानकारी दे दी थी।
दंगा मामले में क्लेम कमिश्नर भी आकलन करेंगे कि दंगाइयों ने कितनी सरकारी व आम लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। उसके बाद आरोपियों से हर्जाना वसूला जाएगा। इतना ही नहीं हर्जाना देने में कोताही करने पर आरोपियों की संपत्तियों को नीलाम किया जाएगा।