{"_id":"5fa6ab7a8ebc3e74f325d9a2","slug":"north-east-delhi-riot-case-court-said-bail-cannot-be-granted-to-accused-based-on-non-availability-of-cctv-footage","type":"story","status":"publish","title_hn":"उतर-पूर्वी दिल्ली हिंसा मामला: कोर्ट ने कहा सीसीटीवी फुटेज मौजूद नहीं होने के आधार पर आरोपी को नहीं दी जा सकती जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उतर-पूर्वी दिल्ली हिंसा मामला: कोर्ट ने कहा सीसीटीवी फुटेज मौजूद नहीं होने के आधार पर आरोपी को नहीं दी जा सकती जमानत
Sat, 07 Nov 2020 07:43 PM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Sat, 07 Nov 2020 07:43 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
कड़कड़डूमा कोर्ट ने उतर पूर्वी दिल्ली दंगे से जुड़े हत्या व अन्य मामले में गिरफ्तार आरोपी सलमान को जमानत देने से इनकार कर दिया। जमानत के लिए आरोपी की ओर से दी गई दलील को कोर्ट ने सुनने से इनकार कर दिया और कहा कि अगर आरोपी के खिलाफ कोई सीसीटीवी फुटेज नहीं है तो इसका अर्थ यह नहीं है कि वह अपराध में शामिल नहीं था।
विज्ञापन
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने आरोपी सलमान की जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी घटना में सीसीटीवी फुटेज साक्ष्य का अतिरिक्त उपकरण होती है, ना कि घटना को साबित करने का विशेष माध्यम। कोर्ट ने कहा कि आरोपी को इस आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती कि उसके खिलाफ कोई सीसीटीवी फुटेज नहीं है।
विज्ञापन
आरोपपत्र में जो आरोप लगाए गए हैं उन्हें सिर्फ इस आधार पर नहीं नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि आरोपी के खिलाफ कोई सीसीटीवी फुटेज नहीं मिली। आरोपी की ओर से किए गए दावे से यह भी साबित नहीं होता कि वह घटना के वक्त घटनास्थल पर मौजूद नहीं था।
विज्ञापन
कोर्ट ने गौर किया कि पुलिस ने आरोपी को चश्मदीद गवाह ताहिर के बयान के आधार पर 12 मार्च को गिरफ्तार किया था। गवाह का आरोप था कि 24 फरवरी को मौजपुर इलाके में हुए दंगे में सलमान शामिल था।
आरोपी के वकील अब्दुल गफ्फार ने कोर्ट से कहा कि उनके मुवक्किल को झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। उनके मुवक्किल के खिलाफ कोई ऐसा साक्ष्य नहीं है, जिससे सह साबित हो सके, उसने ही किसी की हत्या की और उपद्रव मचाया।
वहीं लोक अभियोजक जितेन्द्र जैने ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए दलील दी कि आरोपी पर लगे आरोप बेहद संगीन हैं। उन्होंने कहा कि इसी दौरान दंगे में गोली लगने से एक राहगीर रोहित शुक्ला गोली लगने से घायल हुआ था, जबकि ब्रहमपुरी इलाके में विनोद नामक शख्स की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि इस मामले में सह आरोप सज्जाद अभी भी फरार है, अगर आरोपी सलमान को जमानत दी गई तो वह साक्ष्यों और गवाहों को प्रभावित कर सकता है।
उल्लेखनीय है कि 24 और 25 फरवरी को सीएए के विरोध में उतर पूर्वी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में हुए दंगे में 53 लोगों की मौत हुई थी और 250 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस दौरान सार्वजनिक और निजी संपतियों को भी भारी नुकसान पहुंचा था।