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उत्तरी दिल्ली नगर निगम की आर्थिक स्थिति बेहद खराब, लाएंगे श्वेत पत्र
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 17 Nov 2017 07:11 PM IST
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केजरीवाल
- फोटो : ani
उत्तरी नगर निगम आर्थिक तंगी के कारण विकास कार्य नहीं कर पा रही है। उसे करीब ढाई हजार करोड़ रुपये उधार देने हैं। अब अधिकारी आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र लेकर आएंगे।
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स्थायी समिति के अध्यक्ष तिलकराज कटारिया ने आरोप लगाया कि नगर निगम को देय राशि देने में दिल्ली सरकार राजनीति कर रही है। इसके चलते वह केंद्र सरकार से फंड देने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री से मिलेंगे।
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उत्तरी नगर निगम की आर्थिक स्थिति पर शुक्रवार को स्थायी समिति की बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान पार्षदों ने विकास कार्य कराने के लिए फंड नहीं मिलने पर नाराजगी जताई।
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वहीं अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम को दिल्ली सरकार से 2630 करोड़ रुपये नहीं मिल रहे हैं। इसके अलावा नगर निगम पर करीब ढाई हजार करोड़ रुपये की उधार है। इस कारण पार्षदों को सहयोग के साथ कार्य करना होगा।
समिति अध्यक्ष तिलकराज कटारिया ने कहा कि केंद्र सरकार नगर निगम को सीधे तौर पर फंड दे। इस संबंध में वित्त मंत्री अरुण जेटली से आग्रह किया जाएगा। उनके कहा जाएगा कि केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली सरकार को दिए जाने वाले राजस्व के हिस्से से नगर निगम की राशि काट ली जाए।
करोड़ों रुपये बकाया, नहीं कर पा रहे भुगतान
तिलकराज ने कहा कि यूनिट एरिया प्रणाली लागू करने पर संपत्ति कर में हुई कमी की भरपाई के लिए 475 करोड़, चौथे वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार 1616 करोड़ और प्राथमिक शिक्षा के लिए दिल्ली सरकार की ओर से 539 करोड़ रुपये बकाया हैं। नगर निगम की आर्थिक स्थिति सही होने पर उसे सफाई कर्मचारियों समेत समस्त कर्मचारियों, ठेकेदारों और पेंशनधारकों को उनकी राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है।