उत्तरी दिल्ली के मेयर अवतार सिंह ने बताया कोरोना से कैसे लड़ रही है एमसीडी, 24 घंटे चल रहा है काम
सफाई ही स्वस्थ रहने का सर्वोत्तम उपाय है। किसी भी महामारी से निपटने के लिए सफाई बेहद आवश्यक है। राजधानी दिल्ली में सफाई व्यवस्था बने रहे, इसे सुनिश्चित करने में सबसे अहम भूमिका नगर निगम(एमसीडी) की होती है। सड़क की सफाई, कूड़े का निस्तारण, सैनिटाइजेशन की व्यवस्था और अस्पतालों में बेहतर सुविधाओं समेत कई तरह की जिम्मेदारियां स्थानीय निकाय की होती हैं।
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने में भी एमसीडी की अहम भूमिका है। कोरोना के सबसे बड़े योद्धा भी यही एमसीडी सफाई कर्मी हैं। इस अभियान को कैसे अंजाम तक पहुंचाया जा रहा है, क्या चुनौतियां हैं, एमसीडी कितनी सक्षम है, इन सब सवालों को लेकर उत्तरी दिल्ली के मेयर अवतार सिंह से अमर उजाला ने बातचीत की। पेश है कुछ अंश-
सवाल: कोरोना जैसी महामारी की चुनौती से एमसीडी कैसे निपट रही है?
जवाब: सफाईकर्मी अपनी जान पर खेलकर काम कर रहे हैं। 26 हजार सफाई कर्मी करीब 70 लाख लोगों की सेवा में जुटे हैं। हर मोर्चे पर डटे हुए हैं। सफाईकर्मियों के साथ ही सभी पार्टियों के पार्षद भी इस मुहिम में विशेष योगदान दे रहे हैं।
सवाल: दिल्ली सरकार से कितना समर्थन मिल रहा है?
जवाब: इस महामारी से निपटने के लिए भी सरकार का समर्थन नहीं मिल रहा है। सफाईकर्मियों को वेतन देने तक का पैसा एमसीडी के पास नहीं है। बार-बार अनुरोध किया जा रहा है कि कम से कम पांचवें वित्त आयोग की संस्तुति के अनुसार 1000 करोड़ रुपये दे दें, ताकि हम वेतन दे सकें और कोरोना को हरा सकें।
सवाल: क्या कोई आश्वासन मिला है?
जवाब: यह वक्त आश्वासन का नहीं है। कई साल से सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। हमारे हक का पैसा सरकार दे दे बस इतना ही कहना है, ताकि कोरोना बीमारी से लड़ सकें।
सवाल: क्या चुनौतियां हैं?
जवाब: सबसे अधिक चुनौती एमसीडी की ही है। शहर की सफाई कराना, इलाकों को सील करना, जहां बेहद खतरा होता है, वैसी जगह पहुंचना। ऐसे में पीपीई, मास्क, सैनिटाइजर और दस्तानों की आवश्यकता है। पैसे नहीं होने से इसकी कमी महसूस की जा रही है, जबकि सफाईकर्मियों के लिए यह बेहद ही आवश्यक है।
सवाल: एमसीडी अस्पताल कितना तैयार है?
जवाब: अस्पताल व डिस्पेंसरी में डॉक्टर और नर्स हर तरीके से तैनात हैं। जान पर खेलकर काम कर रहे हैं। पहुंचने वाले सभी मरीजों को अच्छे से चेक किया जा रहा है। हालांकि वहां भी संसाधनों की कमी महसूस हो रही है।
सवाल: दिल्ली का मेयर होने के नाते क्या योगदान दे रहे हैं?
जवाब: 24 घंटे सेवा में सफाईकर्मियों के साथ जुटे हैं। निजी तौर पर गरीबों के लिए सुबह व शाम का खाना बनवाकर वितरित कर रहे हैं। प्रतिदिन एक हजार से अधिक लोगों को खाना व सूखा राशन वितरित किया जा रहा है। दिल्ली के सभी कर्मचारी व पार्षद भी इस मुहिम में जुटे हैं।