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दिल्ली की हवा: एक रात में टूट गए 10 साल के रिकॉर्ड, दिन में ग्रेप-1 लागू; आज सुबह एक्यूआई 342 पहुंचने की आशंका
Thu, 22 Oct 2026 02:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा
ज्योति सिंह, नई दिल्ली
ज्योति सिंह, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 22 Oct 2026 02:01 AM IST
सार
एक दिन पहले 179 था एक्यूआई, दशहरे के अगले दिन 245 पर पहुंचा। 100 दिन बाद खराब श्रेणी में आई दिल्ली की हवा।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एक दिन पहले तक दिल्ली की हवा पिछले दस वर्षों में सबसे साफ होने का रिकॉर्ड बना रही थी, लेकिन अगले ही दिन तस्वीर बदल गई। दशहरे के अगले दिन बुधवार, 21 अक्तूबर को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बढ़कर 245 दर्ज किया गया। इससे हवा मध्यम श्रेणी से निकलकर खराब श्रेणी में पहुंच गई। प्रदूषण बढ़ने की चिंता के बीच ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) का पहला चरण लागू कर दिया गया। वहीं, बृहस्पतिवार को हवा और खराब होने का अनुमान जताया गया है।
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मंगलवार को दिल्ली का एक्यूआई 179 दर्ज किया गया था, जो मध्यम श्रेणी में आता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले दस वर्षों में 20 अक्तूबर को दर्ज एक्यूआई के मुकाबले इस साल का स्तर सबसे कम था। हालांकि, महज 24 घंटे में इसमें 66 अंकों की बढ़ोतरी ने प्रदूषण से मिली राहत पर पानी फेर दिया। अक्तूबर में अब तक दिल्ली की हवा ज्यादातर मध्यम श्रेणी में बनी हुई थी, लेकिन दशहरे के बाद स्थिति बदलती नजर आई।
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पिछले दस वर्षों में 20 अक्तूबर को सबसे कम रहा एक्यूआई
दिल्ली में वाहनों की बढ़ती संख्या और शहरी गतिविधियों से होने वाले उत्सर्जन के बीच 20 अक्तूबर को हवा की गुणवत्ता अपेक्षाकृत बेहतर रही। वर्ष 2025 में इसी तारीख पर एक्यूआई 345 दर्ज किया गया था, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। इसके मुकाबले इस साल एक्यूआई 179 रहने से दोनों वर्षों के बीच 166 अंकों का अंतर रहा।
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आंकड़े बताते हैं समस्या
पिछले वर्षों के आंकड़े भी प्रदूषण के स्तर में बड़े उतार-चढ़ाव को दर्शाते हैं। वर्ष 2017 में 20 अक्तूबर को एक्यूआई 403 तक पहुंच गया था, जो गंभीर श्रेणी में आता है। वर्ष 2018 में यह 326, 2019 में 238, 2020 में 223 और 2021 में 221 दर्ज किया गया था। वहीं, 2022 में एक्यूआई 232, 2023 में 195, 2024 में 277 और 2025 में 345 रहा था। वर्ष 2015 और 2016 में इसी तारीख पर एक्यूआई क्रमशः 331 और 262 दर्ज किया गया था।
इस साल 20 अक्तूबर को पीएम 2.5 प्रमुख प्रदूषकों में शामिल था। अन्य वर्षों के उपलब्ध आंकड़ों में पीएम 2.5 और पीएम 10 प्रमुख प्रदूषकों के रूप में दर्ज किए गए। बुधवार को भी पीएम 2.5 और पीएम 10 प्रदूषण के प्रमुख घटकों में शामिल रहे।
आज एक्यूआई 342 तक पहुंचने की आशंका
प्रदूषण से राहत की उम्मीद के बीच अब हवा की गुणवत्ता और बिगड़ने का अनुमान है। वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान के अनुसार, बृहस्पतिवार, 22 अक्तूबर की सुबह दिल्ली का एक्यूआई 342 तक पहुंच सकता है। इस स्तर पर हवा बहुत खराब श्रेणी में होगी। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो राजधानी में प्रदूषण की समस्या और गंभीर हो सकती है।
एक्यूआई में लगातार बढ़ोतरी लोगों की सेहत के लिए चिंता बढ़ाती है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को प्रदूषित हवा से अधिक परेशानी हो सकती है। ऐसे में अगले कुछ दिनों के दौरान वायु गुणवत्ता पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
क्या रावण दहन और आतिशबाजी से बढ़ा प्रदूषण?
दशहरे के अगले दिन एक्यूआई बढ़ने के पीछे रावण दहन और आतिशबाजी से निकले धुएं की भूमिका होने की आशंका है। प्रदूषण विशेषज्ञों के अनुसार, पटाखों से निकलने वाले सूक्ष्म कण और विभिन्न गैसें हवा की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि, बुधवार को प्रदूषण बढ़ने के लिए केवल आतिशबाजी को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।
हवा की गति, तापमान, प्रदूषकों के बिखराव की स्थिति और वाहनों सहित स्थानीय स्रोतों से होने वाला उत्सर्जन भी वायु गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं। यदि हवा की गति कम रहती है, तो प्रदूषक वातावरण में जमा हो सकते हैं और एक्यूआई बढ़ सकता है।
ऐसे में यह स्पष्ट करने के लिए कि बुधवार को दर्ज बढ़ोतरी में आतिशबाजी की कितनी भूमिका रही, प्रदूषण के स्रोतों से जुड़े आंकड़ों और विशेषज्ञों के विस्तृत आकलन की जरूरत होगी। फिलहाल, 20 अक्तूबर को मिली राहत के बाद 21 अक्तूबर को प्रदूषण बढ़ने और अगले दिन एक्यूआई 342 तक पहुंचने के पूर्वानुमान ने दिल्ली में साफ हवा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।