जारी है टिकट की रार, कौन होगा असली दावेदार?
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नोएडा विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा में रस्साकसी जारी है। बाहरी प्रत्याशी का लोग विरोध तो करना चाहते हैं लेकिन खुलकर सामने कोई नहीं आ रहा है। यह तो लगभग तय ही हो चुका है कि पंकज सिंह या फिर किसी स्थानीय भाजपाई को टिकट दिया जाएगा।
दरअसल, लोकसभा चुनाव के वक्त ही यह तय हो गया था कि डॉ. महेश शर्मा सांसद बनने के बाद नोएडा विधानसभा उपचुनाव में टिकट के लिए मारामारी मचेगी। इन दिनों यही हाल है। सूत्रों के अनुसार, आगरा से लेकर मेरठ तक के भाजपाई नोएडा में टिकट की मांग रहे हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह को जब टिकट देने की बाद उठी तो कोई खुलकर विरोध भी नहीं कर पा रहा है। टिकट का फैसला मंगलवार को लखनऊ में होने वाली बैठक में लिया जाएगा।
स्थानीय स्तर पर दावेदारों में पूर्व मंत्री नवाब सिंह नागर, वरिष्ठ नेता हरिश्चंद्र भाटी, मनोज गुप्ता, गोपालकृष्ण अग्रवाल, महेश चौहान, राकेश शर्मा, विनोद शर्मा, धर्मेंद्र गुप्ता आदि शामिल हैं। टिकट के काफी दावेदार लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं।
बोले मुलायम, 'जाओ चुनाव की तैयारी करो'
उपचुनाव में सपा फूंक-फूककर कदम रख रही है। प्रत्याशी का नाम भी तय कर दिया लेकिन घोषणा नहीं की। एक सप्ताह से लखनऊ में बैठकों का दौर चल रहा है। प्रदेश की 12 विधानसभाओं में नोएडा ही बची है, जिसका प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया है।
सूत्रों ने जानकारी दी है कि रविवार को कुछ संभावित प्रत्याशी लखनऊ गए थे। वहां पर एक प्रत्याशी से कह दिया गया कि जाओ, अब यहां की जरूरत नहीं है और नोएडा में जाकर तैयारी करो। सूत्रों ने बताया कि अघोषित प्रत्याशी ने सोमवार को नोएडा के कई गांवों में बैठकें भी कीं और चुनाव में वोट देने की गुजारिश भी।
इसके अलावा भी कई दावेदारों को यह लग रहा है कि बाजी अभी पलट सकती है और वह किसी न किसी तरह से अपने नाम की घोषणा कराने की कोशिश कर रहे हैं। वह लखनऊ से तभी वापस आएंगे जब प्रत्याशी का नाम घोषित कर दिया जाएगा। सपा से संभावित प्रत्याशियों में अशोक चौहान, विधायक गुड्डू पंडित की पत्नी काजल शर्मा, सुनील चौधरी समेत अन्य नाम भी शामिल हैं।
खोई हुई ताकत फिर पाना चाहती है बसपा
वहीं, बसपा उपचुनावों में भाग नहीं ले रही हैं लेकिन पार्टी का लक्ष्य आगामी विधानसभा और लोकसभा के चुनाव हैं। पार्टी अपनी खोई हुई ताकत को फिर पाना चाहती है। यही कारण रहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी ने नोएडा के लिए बिजेंद्र अवाना का नाम घोषित कर दिया।
रविवार को आगामी लोकसभा के लिए गजराज नागर के नाम की घोषणा भी होनी थी लेकिन यह कहा गया कि गौतमबुद्धनगर और बुलंदशहर के लिए एक साथ घोषणा कर दी जाएगी। दरअसल, 2009 में जब गौतमबुद्धनगर के नाम से नई लोकसभा सीट बनी थी तो पहला सांसद होने का सौभाग्य बसपा के सुरेंद्र सिंह नागर को मिला था।
दादरी विधानसभा से 2007 में सत्यवीर गुर्जर बसपा से विधायक बने और 2012 में भी वह दोबारा से विधायक बने हैं। इसी तरह जेवर से वेदराम भाटी भी दो बार बसपा से ही विधायक हैं। इतना ही नहीं जिला पंचायत अध्यक्ष जयवती नागर भी पार्टी से जुड़ी रही हैं।
हालांकि पिछले दिनों अविश्वास प्रस्ताव लाकर हटा दिया गया। पार्टी के सूत्र बताते हैं कि बसपा सुप्रीमो मायावती के लिए गौतमबुद्धनगर इसलिए खास है क्योंकि वह बादलपुर की ही रहने वाली हैं। इसलिए प्रदेश में प्रत्याशियों की घोषणा की शुरुआत नोएडा से की गई है ताकि अभी से तैयारी शुरू कर दी जाए।