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नफरत फैलाने के आरोप में गिरफ्तार युवक को मिली जमानत
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ग्रेटर नोएडा। श्रीकांत त्यागी प्रकरण को लेकर फोन पर बातचीत के दौरान गालियां देने का ऑडियो वायरल होने के बाद गिरफ्तार किए गए लड़पुुरा निवासी संचित उर्फ सिंगा पंडित को जमानत मिल गई। आरोपी पर एक समाज व वरिष्ठ अफसर का नाम लेकर गालियां देने व नफरत फैलाने के आरोप मेेें दो केस और एक आर्म्स एक्ट के अंतर्गत केस दर्ज किया गया था। आरोपी के साथ सांसद डॉ. महेश शर्मा के फोटो भी वायरल हुए थे।
श्रीकांत त्यागी प्रकरण को लेकर मोदीनगर के एक युवक ने लड़पुरा निवासी सिंगा पंडित को कॉल की थी। इसका ऑडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। आरोप लगाया गया कि सिंगा पंडित ने गालियां देकर नफरत फैलाई है। वहीं, सांसद के साथ फोटो वायरल कर सिंगा पंडित को डॉ. महेश शर्मा का सुरक्षाकर्मी होने का भी दावा किया लेकिन परिजन ने इससे इनकार किया था। अधिवक्ता संजीव शर्मा ने बताया कि वायरल ऑडियो के मामले में कासना थाना पुलिस ने दो केस दर्ज किए थे और दो रिमांड बनाकर भेजे थे। जबकि नियमानुसार एक अपराध में एक ही रिमांड बनाकर भेजना चाहिए। इसके अलावा आर्म्स एक्ट के केस में उन्होंने एक वीडियो भी न्यायालय में पेश की। इसमें सिंगा पंडित को उसके परिजन थाने में ले जाते दिख रहे हैं।
वीडियो के माध्यम से अधिवक्ता ने दावा किया कि उसने आत्मसमर्पण किया था। फिर उससे अवैध पिस्टल कैसे बरामद हो गई। इसके बाद भी उसे आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार किया गया। अधिवक्ता ने बताया कि दोनों मामलों में अलग-अलग जमानत याचिका दायर की गईं थीं। दोनों मामलों में न्यायालय से जमानत मिलने के बाद उसे रिहा कर दिया गया है।
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श्रीकांत त्यागी प्रकरण को लेकर मोदीनगर के एक युवक ने लड़पुरा निवासी सिंगा पंडित को कॉल की थी। इसका ऑडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। आरोप लगाया गया कि सिंगा पंडित ने गालियां देकर नफरत फैलाई है। वहीं, सांसद के साथ फोटो वायरल कर सिंगा पंडित को डॉ. महेश शर्मा का सुरक्षाकर्मी होने का भी दावा किया लेकिन परिजन ने इससे इनकार किया था। अधिवक्ता संजीव शर्मा ने बताया कि वायरल ऑडियो के मामले में कासना थाना पुलिस ने दो केस दर्ज किए थे और दो रिमांड बनाकर भेजे थे। जबकि नियमानुसार एक अपराध में एक ही रिमांड बनाकर भेजना चाहिए। इसके अलावा आर्म्स एक्ट के केस में उन्होंने एक वीडियो भी न्यायालय में पेश की। इसमें सिंगा पंडित को उसके परिजन थाने में ले जाते दिख रहे हैं।
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वीडियो के माध्यम से अधिवक्ता ने दावा किया कि उसने आत्मसमर्पण किया था। फिर उससे अवैध पिस्टल कैसे बरामद हो गई। इसके बाद भी उसे आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार किया गया। अधिवक्ता ने बताया कि दोनों मामलों में अलग-अलग जमानत याचिका दायर की गईं थीं। दोनों मामलों में न्यायालय से जमानत मिलने के बाद उसे रिहा कर दिया गया है।
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