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Noida News: यमुना और हिंडन का जलस्तर, पर संकट नहीं
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यमुना-हिंडन का जलस्तर घटा, 18 गांव अब भी प्रभावित
ग्रेटर नोएडा। यमुना और हिंडन का जलस्तर शुक्रवार को घटा लेकिन संकट अब भी बरकरार है। जिला प्रशासन के अनुसार, 18 गांव अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। इससे लगभग 3,700 लोग प्रभावित हैं। इनमें से 3,396 लोग राहत शिविरों में हैं।
दिल्ली स्थित ओखला बैराज पर शुक्रवार शाम 5 बजे यमुना का जलस्तर 200.45 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी स्तर (200.60 मीटर) से 0.15 मीटर (15 सेमी) नीचे है। गुरुवार को यह 200.60 मीटर था। गाजियाबाद के हिंडन बैराज पर जलस्तर 199.95 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 205.08 मीटर से 5.58 मीटर नीचे है। दूसरी ओर एसडीआरएफ की टीमें तहसील जेवर और दादरी क्षेत्र में तैनात हैं। कुछ टीमें अलर्ट पर भी हैं। मछुआरा दल और गोताखोर भी लगातार गश्त कर रहे हैं ताकि किसी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
शुक्रवार को यमुना से सटे इलाकों में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। सेक्टर-135 डूब क्षेत्र के फार्महाउस में फंसे पांच लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें गाजीपुर के संतोष, बांदा के राजेंद्र सिंह उनके पुत्र रंजीत, बदायूं के रतनपाल, गाजीपुर के अनिल शामिल हैं।
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सेक्टर-150 ज्यादा प्रभावित : सेक्टर 150 के मोमनाथल, कोंडली, पंडितों की डेरी समेत अन्य गांव ज्यादा प्रभावित हैं। यहां हिंडन और यमुना दोनों नदियां मिल रही हैं। ऐसे में गांवों और हाईराइज सोसाइटियों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। पांच हजार से अधिक लोग प्रभावित हैं। जेवर के 25 गांवों में फसलों को नुकसान हुआ है। 1000 से अधिक फार्महाउस जलमग्न हो गए हैं।
भोजन की व्यवस्था : जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में 15 शरणालय बनाए हैं। छह शरणालय तहसील सदर क्षेत्र और एक दादरी में हैं। इनमें ठहरे लोगों को सामुदायिक किचन से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। 3 हजार से ज्यादा लोगों को भोजन की व्यवस्था की गई है। सदर में छह, दादरी में आठ और जेवर में पांच समेत 19 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। पशु राहत शिविर सेक्टर-63, ग्रीन बेल्ट, पुराना बाली खेर में बनाया गया है। जहां 1471 पशुओं की देखभाल की जा रही है। राहत कार्यों के लिए 182 नावें और 410 टेंट उपलब्ध कराए हैं, जबकि 592 टॉर्च भी वितरित की गई हैं।
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154 लोगों के सेहत की जांच की
नोएडा। स्वास्थ्य विभाग की टीम तीन दिनों में शिविर में 154 लोगों ने स्वास्थ्य जांच कर चुकी है। इस दौरान सबसे अधिक मरीज खुजली, बुखार और सर्दी-जुकाम से पीड़ित पाए गए। जिला हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. अमित कुमार ने बताया कि लोगों से अपील की कि किसी भी तरह की तकलीफ होने पर तुरंत शिविर में जांच कराएं और दवा लें।
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चंडीगढ़ गांव का संपर्क टूटा, 350 ग्रामीण फंसे
यमुना सिटी/रबूपुरा/दनकौर/जेवर। यमुना नदी में कटान के बाद बृहस्पतिवार रात से ही बाढ़ का पानी चंडीगढ़ गांव के संपर्क मार्ग के ऊपर से बहने लगा। इससे चंडीगढ़ और मेहंदीपुर गांव के हजारों बीघा खेत जलमग्न हो गए और चंडीगढ़ गांव पूरी तरह से पानी से घिर गया। नाव से पहुंची एनडीआरएफ की टीम ने बचाव का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने इनकार कर दिया। लतीफपुर गांव के कई मकानों में भी पानी भर गया। गांव चंडीगढ़ में करीब 350 लोग फंसे हैं। रबूपुरा पुलिस ने एनडीआरएफ टीम के सहयोग से 10 से लोगों को रेस्क्यू किया। दो परिवार नानकेश्वर महादेव धर्मशाला में रह रहे हैं। दनकौर के लतीफपुर गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है। गांव की गलियों में भरे पानी से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्राथमिक विद्यालय परिसर में करीब 5 फीट तक पानी भर गया। दनकौर क्षेत्र में करीब 7 गांवों के किसानों की हजारों बीघा की फसल बर्बाद हो गई है।
जेवर के आठ गांवों में स्थिति गंभीर : कानीगढ़ी गांव के चार घर बाढ़ की जद में आ चुके हैं। इसके अलावा छोटी कानीगढ़ी, बड़ा झुप्पा, छोटा झुप्पा, पुरननगर, गोविंदगढ़, शमशम नगर और करौल समेत 8 गांव के खेतों में शाम तक पानी लगातार बढ़ता रहा।
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ग्रेटर नोएडा। यमुना और हिंडन का जलस्तर शुक्रवार को घटा लेकिन संकट अब भी बरकरार है। जिला प्रशासन के अनुसार, 18 गांव अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। इससे लगभग 3,700 लोग प्रभावित हैं। इनमें से 3,396 लोग राहत शिविरों में हैं।
दिल्ली स्थित ओखला बैराज पर शुक्रवार शाम 5 बजे यमुना का जलस्तर 200.45 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी स्तर (200.60 मीटर) से 0.15 मीटर (15 सेमी) नीचे है। गुरुवार को यह 200.60 मीटर था। गाजियाबाद के हिंडन बैराज पर जलस्तर 199.95 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 205.08 मीटर से 5.58 मीटर नीचे है। दूसरी ओर एसडीआरएफ की टीमें तहसील जेवर और दादरी क्षेत्र में तैनात हैं। कुछ टीमें अलर्ट पर भी हैं। मछुआरा दल और गोताखोर भी लगातार गश्त कर रहे हैं ताकि किसी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
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शुक्रवार को यमुना से सटे इलाकों में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। सेक्टर-135 डूब क्षेत्र के फार्महाउस में फंसे पांच लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें गाजीपुर के संतोष, बांदा के राजेंद्र सिंह उनके पुत्र रंजीत, बदायूं के रतनपाल, गाजीपुर के अनिल शामिल हैं।
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सेक्टर-150 ज्यादा प्रभावित : सेक्टर 150 के मोमनाथल, कोंडली, पंडितों की डेरी समेत अन्य गांव ज्यादा प्रभावित हैं। यहां हिंडन और यमुना दोनों नदियां मिल रही हैं। ऐसे में गांवों और हाईराइज सोसाइटियों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। पांच हजार से अधिक लोग प्रभावित हैं। जेवर के 25 गांवों में फसलों को नुकसान हुआ है। 1000 से अधिक फार्महाउस जलमग्न हो गए हैं।
भोजन की व्यवस्था : जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में 15 शरणालय बनाए हैं। छह शरणालय तहसील सदर क्षेत्र और एक दादरी में हैं। इनमें ठहरे लोगों को सामुदायिक किचन से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। 3 हजार से ज्यादा लोगों को भोजन की व्यवस्था की गई है। सदर में छह, दादरी में आठ और जेवर में पांच समेत 19 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। पशु राहत शिविर सेक्टर-63, ग्रीन बेल्ट, पुराना बाली खेर में बनाया गया है। जहां 1471 पशुओं की देखभाल की जा रही है। राहत कार्यों के लिए 182 नावें और 410 टेंट उपलब्ध कराए हैं, जबकि 592 टॉर्च भी वितरित की गई हैं।
154 लोगों के सेहत की जांच की
नोएडा। स्वास्थ्य विभाग की टीम तीन दिनों में शिविर में 154 लोगों ने स्वास्थ्य जांच कर चुकी है। इस दौरान सबसे अधिक मरीज खुजली, बुखार और सर्दी-जुकाम से पीड़ित पाए गए। जिला हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. अमित कुमार ने बताया कि लोगों से अपील की कि किसी भी तरह की तकलीफ होने पर तुरंत शिविर में जांच कराएं और दवा लें।
चंडीगढ़ गांव का संपर्क टूटा, 350 ग्रामीण फंसे
यमुना सिटी/रबूपुरा/दनकौर/जेवर। यमुना नदी में कटान के बाद बृहस्पतिवार रात से ही बाढ़ का पानी चंडीगढ़ गांव के संपर्क मार्ग के ऊपर से बहने लगा। इससे चंडीगढ़ और मेहंदीपुर गांव के हजारों बीघा खेत जलमग्न हो गए और चंडीगढ़ गांव पूरी तरह से पानी से घिर गया। नाव से पहुंची एनडीआरएफ की टीम ने बचाव का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने इनकार कर दिया। लतीफपुर गांव के कई मकानों में भी पानी भर गया। गांव चंडीगढ़ में करीब 350 लोग फंसे हैं। रबूपुरा पुलिस ने एनडीआरएफ टीम के सहयोग से 10 से लोगों को रेस्क्यू किया। दो परिवार नानकेश्वर महादेव धर्मशाला में रह रहे हैं। दनकौर के लतीफपुर गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है। गांव की गलियों में भरे पानी से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्राथमिक विद्यालय परिसर में करीब 5 फीट तक पानी भर गया। दनकौर क्षेत्र में करीब 7 गांवों के किसानों की हजारों बीघा की फसल बर्बाद हो गई है।
जेवर के आठ गांवों में स्थिति गंभीर : कानीगढ़ी गांव के चार घर बाढ़ की जद में आ चुके हैं। इसके अलावा छोटी कानीगढ़ी, बड़ा झुप्पा, छोटा झुप्पा, पुरननगर, गोविंदगढ़, शमशम नगर और करौल समेत 8 गांव के खेतों में शाम तक पानी लगातार बढ़ता रहा।